गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य आचार्य देवव्रत होंगे हिमाचल के नए राज्यपाल

Spread the love

शनिवार, 8 अगस्त 2015

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आचार्य देवव्रत को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। शनिवार को राष्ट्रपति ने इनके नाम पर अपनी मुहर लगा दी। आचार्य देवव्रत कुरुक्षेत्र विश्व विद्यालय में प्रोफेसर के पद पर थे और योग के विशेषज्ञ माने जाते हैं।आचार्य देवव्रत हिमाचल के 27वें राज्यपाल होंगे। डा. देवव्रत आचार्य अब तक गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य रहे हैं। निवर्तमान राज्यपाल कल्याण सिंह आगामी दिनों में हिमाचल आ सकते हैं। नवनियुक्त राज्यपाल के आगमन से पूर्व हिमाचल में उनका विदाई समारोह होगा।

हिमाचल के नए राज्यपाल डा. देवव्रत आचार्य 15 अगस्त से पहले शपथ ले सकते हैं। शनिवार को हिमाचल के राज्यपाल के प्रधान सचिव संजय गुप्ता और एडीसी संदीप भारद्वाज गुरु कुल कुरु क्षेत्र जाकर उनसे मिलेंगे। इसी के साथ उनके शपथ ग्रहण समारोह की तिथि भी तय हो सकती है।

नए राज्यपाल डा. देवव्रत आचार्य पुत्र लहरी सिंह का जन्म 18 जनवरी 1959 को हुआ था। बताया जाता है कि नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले भाजपा पदाधिकारी के तौर पर हरियाणा के प्रभारी थे, तब देवव्रत उनके संपर्क में आए थे।उन्होंने वर्ष 1978 में दयानंद ब्राह्म महाविद्यालय हिसार से विद्या वाचस्पति, 1982 में गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर हरिद्वार से विद्याभास्कर (बीए), 1984 में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से स्नातकोत्तर हिंदी, 1991 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से बीएड की पढ़ाई की।

1996 में कुरुक्षेत्र विद्यालय से स्नातकोत्तर इतिहास, 2000 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन योग विज्ञान और वर्ष 2002 में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर नेचुरोपैथी नई दिल्ली से डाक्टर ऑफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस जैसी शैक्षणिक योग्यताएं लीं। वैदिक मूल्यों, राष्ट्रवादी चिंतन आदि विषयों पर वह विभिन्न मंचों पर अनेक व्याख्यान दे चुके हैं।


बोले आचार्य, देवभूमि का विकास रहेगी प्राथमिकता-
हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य ने कहा कि देवभूमि का समुचित विकास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। मैं एक शिक्षक हूं और जिस प्रकार कुरुक्षेत्र के गुरुकुल को पहचान मिली है, उसी तरह का प्रयास रहेगा कि हिमाचल प्रदेश का नाम विश्वपटल पर हो।

शिक्षा, पर्यटन और देवभूमि की मूलभूत विकास को लेकर वे सभी के साथ मिलकर कार्य करेंगे। अमर उजाला से बातचीत में आचार्य ने कहा कि पिछले लगभग 35 साल से उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र में हजारों छात्रों को सुशिक्षित और सुसंस्कारित कर देश-सेवा के लिए समर्पित किया है, आगे भी यह उत्तम और पुनीत कार्य जारी रहेगा।

डॉ. देवव्रत को मिले अवार्ड

•2002 में समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट की ओर से अमेरिकन मेडल ऑफ ऑनर
•2003 में भारत ज्योति अवॉर्ड
•2005 में सीएनआरआईडी की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर इन सर्विस ऑफ रूरल इंडिया से सम्मानित
•2007 में समाज सेवा सम्मान
• 2009 में जनहित शिक्षक श्री अवॉर्ड
•हिमाचल के सीएम प्रेम कुमार धूमल द्वारा 2009 में हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय अवार्ड
•2011 में अक्षय ऊर्जा सम्मान।
•श्रीमती सरला चोपड़ा अवार्ड
•2012 में अक्षय ऊर्जा अवार्ड
•उपभोक्ता मंत्रालय के पूर्व सचिव द्वारा प्राचीन एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर सम्मान पत्र

2 दिन पहले आया था राष्ट्रपति भवन से फोन-
आचार्य देवव्रत के काफी नजदीकी रहे गुरुकुल प्रबंधक समिति के अध्यक्ष कुलवंत सैनी ने बताया कि दो दिन पूर्व वे आचार्य के साथ बैठे थे, उस समय राष्ट्रपति भवन से फोन आया था। फोन करने वालों ने आचार्य के नाम की स्पेलिंग पूछी थी और फिर फोन काट दिया था। किसी को भी नहीं पता था कि उन्हें गवर्नर बनाया जा रहा है, लेकिन ये जरूर तय था कि कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने वाली है।राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर आचार्य देवव्रत ने कहा कि उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि प्रधानमंत्री एवं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उन्हें ऐसी कोई जिम्मेवारी सौपेंगे। अपनी नियुक्ति पर उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं योगगुरु बाबा रामदेव का आभार जताया है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *