दूध उत्पादन का इंजन बनकर देश का परिदृश्य बदलेगा हरियाणा : ओमप्रकाश धनखड़

Spread the love
धनखड़ बोले, हरियाणा में दूध देने की क्षमता को 6.800 किग्रा से बढ़ाकर 10 किलोग्राम प्रति पशु करना हमारा लक्ष्य 
झज्जर, कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने 36वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी को देश में दूध उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का रास्ता बताया है। अपने पशुओं के दूध देने की क्षमता में बढ़ोतरी कर हरियाणा देश के लिए इंजन का काम करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन का परिदृश्य बदल देगा। उन्होंने यह बात शुक्रवार को झज्जर के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित 36वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी 2018 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
मुख्य अतिथि एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री डा. संजीव बालियान की उपस्थिति में धनखड़ ने कहा कि मुर्राह भैंस व देसी गाय के दूध देने की क्षमता के चलते आज देश की निगाह हरियाणा पर है। पशुओं के दूध देने की क्षमता में बढ़ोतरी कर ही हम देस्सां में देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा की कहावत को फिर से सार्थक कर पाएंगे।
श्री ओमप्रकाश धनखड़ ने राज्य पशुधन प्रदर्शनी को हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ पशुओं की गैलेक्सी की संज्ञा देते हुए कहा कि ऐसा पशुधन हर गांव व हर जिला में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कहा कि हरियाणा में इस समय 36 लाख पशु जिनमें 21 लाख भैंस व 15 लाख गाय है। जिनका दूध देने का औसत प्रति पशु 6.800 किलोग्राम है। इस औसत को हम 10 किलोग्राम प्रति पशु तक लेकर जाएंगे।
यह प्रदर्शनी सर्वश्रेष्ठ पशुधन के पालकों के अनुभव को समर्पित है। सभी पशुपालक इस आयोजन से जुड़ी प्रदर्शनी में यूनिवर्सिटी-विभागों के स्टाल पर मिलने वाला ज्ञान व साहित्य लेकर अवश्य जाए।
उन्होंने कहा कि आज आस्ट्रेलिया में 15 लीटर, न्यूजीलैंड में 16 लीटर तथा इजरायल में 30 लीटर प्रति पशु औसत उत्पादन है। इस कार्यक्रम में 18 लीटर से कम दूध वाली भैंस व 12 लीटर से कम वाली गाय नहीं है। इसी सोच पर आगे बढ़ते हुए अब आगे हरियाणा में इससे कम उत्पादन वाला पशुधन पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब नस्ल सुधार के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर काम किया जा रहा है। जिसके तहत सीमन सुधार, पशुपालन एवं डेयरी निभाग का स्वरूप बदलना तथा पशुपालन के प्रति किसानों को जागरूक करना शामिल है। इजरायल व ब्राजील का अनुभव भी किसानों के साथ सांझा किया जाएगा।
Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *