पुस्तकें हैं मनुष्य की श्रेष्ठ मित्र : वशिष्ठ

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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय , हिमगिरी पब्लिक स्कूल , समालखा और राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिहोली के छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति में बिहोली स्थित केंद्रीय विद्यालय में छात्रों के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन गुरुग्राम संभाग के तत्वावधान में पुस्तकालय की स्थापना कर छात्रों को समर्पित किया गया । क्रम में विद्यालय प्रभारी राजेश वशिष्ठ द्वारा विद्यालय पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया।


पुस्तकालय विद्यालय का दिल

 


वशिष्ठ ने कहा कि पुस्तकालय विद्यालय का दिल होता है , यह एक ऐसा घटक है जिसमें वे दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध होती हैं जो बाज़ार,संस्था या कभी कभी स्वयं लेखक के पास भी उपलब्ध नहीं होती । सामान्य जन के लिए महँगी पुस्तक खरीदना आसान नहीं होता जिस वजह से वे प्रतियोगी परीक्षाओं की उचित तैयारी और मार्गदर्शन में कठिनाई महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में शिक्षा और पुस्तकों के प्रति रोचकता पैदा करने की बहुत ही अच्छी पहल है क्योंकि पुस्तकें ही मनुष्य की अजर और अमर मित्र होती हैं और समझ के साथ ही जिज्ञासा, चिंतन, अनुभव , और कल्पनाशीलता पैदा करती हैं जिसके फलस्वरूप मनुष्य नवोंमेषण और प्रयोग करता है जिससे सभ्यताएँ विकसित होती हैं ।


पुस्तकालय वह स्थान है जहाँ समाज के हर वर्ग के विचारों को स्थान मिलता है। पुस्तकालय को अत्याधुनिक सूचना तकनीकी सुविधा संपन्न बनाने के लिए और ई.बुक्स , ऑडियो बुक्स को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही इन्टरनेट सुविधा भी छात्रों को उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे न सिर्फ़ समय और ऊर्जा की बचत होगी बल्कि पर्यावरण को भी क्षति नहीं होगी । उन्होंने आगे बताया कि जल्दी ही क्षेत्र के प्रबुद्द पत्रकारों को पुस्तकालय में आमंत्रित कर ‘पत्रकारिता में रोज़गार के अवसर’ पर एक गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा।



राष्ट्रीय स्तर का गाइडेंस और काउंसलिंग कार्नर स्थापित

 


पुस्त्कालायाध्क्ष भगवान दत्त ने पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें राष्ट्रीय स्तर का गाइडेंस और काउंसलिंग कार्नर स्थापित किया जा रहा है । उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में 1500 पुस्तकों , समाचार पत्र , पत्रिकाओं से इसकी शुरुआत की गई है I जिन्हें पढ़कर छात्र अपना ज्ञान वर्द्धन कर सकेंगे और बच्चों की पठन कौशल बेहतर होंगी ।


इस अवसर पर देश के प्रमुख समाचार पत्र दि हिन्दू द्वारा ‘दि स्टेप’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत बच्चों द्वारा समाचार पत्र से अर्जित सामान्य ज्ञान पर टैब और इन्टरनेट के माध्यम से परीक्षा ली गई । कार्यक्रम संयोजक सौरभ ने बताया कि राजेश वशिष्ठ और शिक्षक हरिओम सैनी के अथक प्रयासों से पुस्तकालय और समाचार पत्र आधारित ‘दि स्टेप’ कार्यक्रम अपनाने वाला देश का प्रथम स्कूल बन गया है ।



छात्रों और शिक्षकों को रियायत पर पुस्तकें

 


इस अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा पुस्तक मेला का भी आयोजन किया गया जिसमें ट्रस्ट द्वारा अंग्रेज़ी और हिंदी भाषाओँ के लेखकों की महान कृतियों के प्रदर्शन के अलावा विज्ञान , गणित , सामाजिक विज्ञान , संगीत , खेल , कंप्यूटर , पर्यटन और रोज़गार आदि संबंधी पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया और साथ ही छात्रों और शिक्षकों को रियायत पर पुस्तकें दी गई ।


प्राचार्य राजकुमार ने शिक्षकों का आह्वान किया कि पुस्तकालय समिति के साथ ही बच्चों का भी रीडिंग क्लब बनाया जाये जिसके माध्यम से बच्चों को पुस्तक समीक्षा , कहानी सुनना-सुनाना ,चित्र पठन, लाउड रीडिंग ,संवाद सम्प्रेष्ण आदि सिखाया जाये । अपने विचार प्रकट करते हुए कन्या विद्यालय की शिक्षिका अलका ने कहा कि पुस्तकालय से क्षेत्र के बच्चों को बहुत लाभ होगा ।


कार्यक्रम के अंत में वशिष्ठ द्वारा पुस्तकदान अभियान चलाया गया जिसमें उन्होंने अपनी व्यक्तिगत लाइब्रेरी से पुस्तकें पुस्तकालय को दान की I इनमें महेंद्र जाखड़ द्वारा रचित ‘दि बुचर ऑफ़ बनारस’ और स्वास्तिक किलर प्रमुख रहीं । मौके पर दिव्या शर्मा , अदिति संधू , डॉक्टर अंजू , अनिल सेठी , महाबीर परसाद, सुनीति पटनायक , दीपिका और नीतू के अलावा अनेक ग्रामीण भी मौजूद रहे I ग्रामीणों ने प्राचार्य राजकुमार का आभार प्रकट किया ।


 

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