फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से हटाकर पात्र व्यक्तियों को शामिल करे:-पूजा चावरिया

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करनाल (ब्यूरो ):नेशनल मास्टर ट्रेनर पूजा चावरिया ने कहा कि सभी जिलों में निरंतर मतदाता सूचियों को अपडेट करने का कार्य करवाया जाता है। इसके तहत हर वर्ष 1 जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके व्यक्तियों के नए वोट बनवाने, मृतकों व स्थान छोड़ चुके लोगों के वोट कटवाने तथा विवरणों की अशुद्धियों को ठीक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि वोट कटवाने के लिए फार्म-7 भरा जाता है। लेकिन किसी का वोट काटने से पूर्व यह जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति को नियमानुसार नोटिस देकर सुनवाई का मौका दिया जाए। इसके लिए रिकॉर्ड में मौजूद उसके अंतिम पते पर नोटिस भेजा जाना चाहिए। बीएलओ व अन्य कर्मचारियों के माध्यम से व्यक्ति के स्थान छोडक़र चले जाने की तसदीक की जा सकती है।
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रैनर सुधांशु गौतम  ने बताया कि किसी व्यक्ति के आयु का प्रमाण न होने की अवस्था में 21 वर्ष से अधिक वर्ष का दिखने वाला व्यक्ति घोषणा पत्र देकर अपना वोट बनवा सकता है। पहले यह आयु 25 वर्ष थी जिसे अब घटा दिया गया है। यदि किसी क्षेत्र में 20 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की भाषा अधिकारिक भाषा से अलग है तो वहां मतदाता सूचियों का प्रकाशन दो भाषाओं में किया जाना जरूरी है।
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रैनर पंकज सेतिया ने बताया कि पहले सभी जिलों में ई-रोल मैनेजमेंट सिस्टम लागू था जिसके तहत केवल संबंधित जिला के ईआरओ ही आपस में जुड़े होते थे लेकिन अब देशभर में ईआरओ-नेट लागू हो चुका है जिससे पूरे देश के ईआरओ (निर्वाचक पंजीयन अधिकारी) एक-दूसरे से जुड़ चुके हैं। इस नए प्लेटफार्म पर देश के किसी भी हिस्से से किसी प्रकार का फार्म किसी जिले के ईआरओ के पास भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब मतदाता सूची अथवा मतदाता के विवरण में किसी प्रकार की शुद्धि से जुड़े सभी आवेदनों पर की जाने वाली प्रक्रिया ऑनलाइन है और ईआरओ इसे अपने मोबाइल से भी संचालित कर सकते हैं। वह गाड़ी में चलते हुए भी इस पर फैसले कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अब मृतकों का रिकॉर्ड सीधा स्वास्थ्य विभाग से ईआरओ-नेट पर आ जाता है जिससे इनके वोट आसानी से काटे जा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को मतदाताओं द्वारा आवश्यक सेवाओं के लिए भरे जाने वाले फार्म, उनके पंजीकरण के लिए अपेक्षित योग्यताओं, अधिकारियों की नियुक्ति व उनकी जिम्मेदारियों, मतदाता सूचियों की समीक्षा, एनवीएसपी (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल), ईआरओ-नेट व बीएलओ-नेट के ऑपरेशन्स तथा इनकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए मौके पर ही ऑनलाइन ट्रेनिंग भी करवाई गई। पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से सॉफ्टवेयर के प्रत्येक पहलु से अधिकारियों को रूबरू करवाया गया।
इस अवसर पर एसडीएम करनाल नरेन्द्र पाल मलिक,एसडीएम घरौंडा मोहम्मद ईमरान रजा, एसडीएम असंध अनुराग ढालिया, चुनाव तहसीलदार करनाल सुनील कुमार तथा सभी पांचों जिलों के ईआरओ, एईआरओ सहित सम्बन्धित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
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