सत्यम घोटाले में अदालत ने सुनाया सजा, 5 करोड़ का जुर्माना

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज लिमिटेड (एससीएसएल) में करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़े मामले में हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने अपना फैसला आज सुनाया। अदालत ने कंपनी के संस्थापक रामलिंगा राजू समेत 10 लोगों को दोषी करार दिया है। रामलिंगा समेत दसों आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने रामलिंगा राजू पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 7 जनवरी 2009 को सामने आया था।

विशेष न्यायाधीश बीवीएलएन चक्रवर्ती ने नौ मार्च को अंतिम सुनवाई के दौरान कहा था, नौ अप्रैल को फैसला सुनाया जाएगा। मैं इसे बेहद स्पष्ट बना रहा हूं। इसे आगे मुल्तवी करने का सवाल ही नहीं उठता। अदालत इंतजार नहीं करेगी। विशेष न्यायाधीश बी वी एल एन चक्रवर्ती ने इस मामले में राजू और पूर्व कर्मचारी जी रामकृष्ण को आईपीसी की धारा 201 (अपराध के साक्ष्य गायब करना) के तहत दोषी पाया।

इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक वी चंद्रशेखर के मुताबिक राजू के एक अन्य भाई बी सूर्यनारायण राजू और पूर्व आंतरिक मुख्य लेखा परीक्षक वी एस प्रभाकर गुप्ता को छोडकर सभी अन्य आठों आरोपियों को सुरक्षा में जालसाजी, धोखाधड़ी के लिए जालसाजी और गलत खाते तैयार करने से जुड़ी आईपीसी की धारा 467, 468, 471 और 477ए के तहत दोषी पाया गया।

सीबीआई ने फरवरी 2009 में इस मामले की जांच शुरू की थी और लगभग तीन हजार दस्तावेज चिन्हित किए गए और 226 गवाहों से पूछताछ हुई।

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