एनएच-1 से अस्थायी अतिक्रमण हटाने से लगता है डर

पानीपत

देश के सबसे पुराने शेरशाह सूरी मार्ग पर हुए दो दर्जन से अधिक अस्थायी अतिक्रमण को हटाने में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को डर लग रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद एनएचएआइ प्रशासन ने स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण को चिन्हित तो कर लिया है, लेकिन उसे हटाने के लिए कभी पुलिस का तो कभी संसाधनों का रोना रो रहा है। इतना नहीं, इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से संबंधित दस्तावेज भी उसके रिकॉर्ड से गायब हो चुके हैं। यही कारण है कि एनएचएआइ ने उपायुक्त द्वारा अतिक्रमण हटाने से संबंधित दिए गए आदेश को भी कूड़ेदान में फेंक दिया है।

यहां बता दें कि जीटी रोड पर अतिक्रमण के कारण शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगभग आठ माह पूर्व तत्कालीन उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी ने न केवल अस्थायी अतिक्रमण को बल्कि स्थायी अतिक्रमण को भी हटाने का निर्देश देते हुए एनएचएआइ को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। इतना ही नहीं, इस मामले में उपायुक्त ने एसपी को भी पत्र लिखकर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए कहते हुए निशानदेही कराने को कहा था, लेकिन आठ माह बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसका खुलासा दैनिक जागरण द्वारा नेशनल हाईवे विशेष कर पानीपत शहर में हुए अतिक्रमण को लेकर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है।

एडीजे की अदालत में मामला लंबित

अतिक्रमण को लेकर पूछे गए प्रश्न के एक उत्तर में एनएचएआइ के स्टेट अधिकारी ने कहा है कि स्थायी कब्जे को लेकर रेडक्रॉस, पोस्ट ऑफिस सहित अन्य निजी दुकानदारों ने स्थानीय एडीजे की अदालत से स्टे ले रखा है। इस कारण उसे तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस बारे में अदालत का फैसला आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

24 स्थानों पर अस्थायी अतिक्रमण

तहसील कैंप से लेकर गोहाना रोड के पास तक 24 स्थानों पर अस्थायी अतिक्रमण की जानकारी देते हुए कहा गया है कि इनमें से 14 स्थानों पर सड़क के बायीं ओर तथा 10 स्थानों पर सड़क के दाहिने ओर है। अस्थायी अतिक्रमण की श्रेणी में हरियाणा पर्यटन निगम और हैफेड का प्रचार से संबंधित होर्डिग्स भी शामिल हैं।

अस्थायी अतिक्रमण की श्रेणी में सर्वाधिक चाय की दुकान

एनएचएआइ ने अस्थायी अतिक्रमण की श्रेणी में सर्वाधिक चाय की दुकानों को शामिल किया है। रेहड़ी लगाने वाले इनकी सूची में शामिल नहीं है। यहां तक कि चाय के दुकानदारों के नाम भी उनके पास नहीं है। सूची के अनुसार 87 किलोमीटर पर चाय की दुकान तीन, टायर मरम्मत करने की दुकान एक, हरियाणा पर्यटन निगम का होर्डिग्स एक और हैफेड का एक होर्डिग्स शामिल है।

इन स्थानों पर अस्थाई अतिक्रमण

-88 किमी की दूरी पर दो झोपड़ी

-91 किमी की दूरी पर दो डीजी सेट

-93 किमी की दूरी पर एक-एक चाय की दुकान

-95 किमी की दूरी पर 12 चाय की दुकानें, तीन फ्रूट की दुकानें, एक ढांबा, दो टायर मरम्मत की दुकानें शामिल हैं।

उपायुक्त ने यह दिया था आदेश

उपायुक्त ने नेशनल हाईवे पर 86 से लेकर 96 किलोमीटर की दूरी पर हुए अतिक्रमण को आपराधिक मामले में 1973 की धारा के सेक्शन 22 एक एंड 23 दो के तहत तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए नेशनल हाईवे के प्रबंधक को अतिक्रमण हटवाने के आदेश 11 अगस्त 2014 को दिए थे।

एनएचएआइ के पास फाइल नहीं

इस आदेश पर एनएचएआइ ने आगामी कार्रवाई क्या की इससे संबंधित फाइल उसके पास नहीं है और न ही एनएचएआइ के अधिकारी यह बता पा रहे हैं कि किन कारणों से कार्रवाई नहीं हुई और इसके लिए कौन दोषी है।

वर्जन

अभी मैं बैठक हूं। इस मुद्दे पर बात दो घंटे बाद बात करुंगा।

-विपिन शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएच अंबाला

वर्जन

इस बारे में अंबाला पीडी ही बेहतर बता सकेंगे। आप उनसे बात कीजिए।

-देव राज, मुख्य महाप्रबंधक, तकनीक, एनएच, पंचकुला

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