सोनीपत उपायुक्त ने दातौली में रात्रि ठहराव में समस्याओं का किया समाधान, प्रात:काल झाडू लगाते हुए दिया सफाई का संदेश बेटियां नहीं रहेंगी तो हो जाएगा समाज का विनाश: उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग प्रतिमाह एक ब्लॉक की एक पंचायत को स्वच्छता के लिए दिया जा रहा एक लाख रुपये का पुरस्कार: उपायुक्त पांडुरंग

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गन्नौर,( आदेश त्यागी घसौली )  उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने दातौली गांव में रात्रि ठहराव के दौरान आयोजित जनता दरबार में लोगों की समस्याओं का समाधान करते हुए प्रात:काल अधिकारियों के दल के साथ गांव में झाडू लगाते हुए सफाई का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खुले में शौच बिमारियों को निमंत्रण देना है। यदि एक व्यक्ति भी खुले में शौच के लिए जाता है तो उससे पूरे गांव को बिमारी का खतरा पैदा होता है। इसलिए हर घर में पक्का शौचालय और उसका प्रयोग अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण स्वच्छता कायम करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जा रहा है, जिसके तहत प्रतिमाह एक खंड की एक ग्राम पंचायत को एक लाख रुपये की ईनामी राशि दी जाती है।
सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सांसद रमेश कौशिक द्वारा गोद लिये गये गांव दातौली से उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई के लिए जनता दरबार भी लगाया, जिसमें करीब 80 शिकायतें प्रस्तुत की गई। सभी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए उपायुक्त ने कहा कि दातौली को आदर्श गांव बनाया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने ग्रामीणों को मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन से जुडऩे का आग्रह करते हुए कहा कि यह सबकी जरूरत है। अपने घरों में पक्का शौचालय बनवाना हमारा कत्र्तव्य है। खुले में शौच सेहत से खिलवाड़ करना है।
उपायुक्त ने ग्रामीणों को महिलाओं/बेटियों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में भी बेटे-बेटी में अंतर किया जाता है जो कि उचित नहीं है। बेटियों को बोझ नहीं समझना चाहिए। ऐसी सोच ही कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा देती है। भविष्य में इसके भयंकर परिणाम भुगतने होंगे। यदि बेटियों को नहीं बचाया गया तो समाज नष्ट हो जाएगा।
जनता दरबार में आई शिकायतों का निपटारा करने उपरांत उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ गांव में ही रात्रि ठहराव किया। सुबह जल्दी उठकर उपायुक्त ने अधिकारियों के दल तथा सफाई अभियान संयोजक टीम के साथ मिलकर गांव में प्रभात फेरी एवं सफाई अभियान का आयोजन किया। उपायुक्त ने स्वयं झाडू लगाते हुए लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे बाहर गली एवं सड़कों में कूड़ा न फैंके। स्वच्छता प्रभात फेरी के उपरांत उपायुक्त ने गांव में बनाए गए ग्राम सचिवालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गांव के लिए स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने भी लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत सलोना सोनीपत बनाने में पूर्ण सहयोग दें। उनके निर्देशन में डॉक्यूमैंट्री, गीत-भजनों के माध्यम से भी लोगों को सफाई का संदेश दिया गया। इसके पहले जनता दरबार के दौरान विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। जनता दरबार में उपायुक्त व अन्य अधिकारियों का स्वागत लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल के बैंड की मधुर धुनों पर किया गया।
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए दिए निर्देश:
दातौली में सफाई अभियान के दौरान उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने गांव में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें ग्रामीणों का पूर्ण सहयोग लिया जाए ताकि गांव को आदर्श गांव बनाया जा सके। उन्होंने गांव में विभिन्न स्थानों पर फैले कूड़े पर भी ऐतराज जताते हुए सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में ई-रिक्शा की व्यवस्था की जाए ताकि कूड़ा उठाया जा सके। उन्होंने गांव में गोबर गैस प्लांट लगाने तथा उपयोग के निर्देश भी दिए।
गांव के शेष बचे घरों में शौचालय बनवाने के दिए निर्देश:
उपायुक्त ने गांव के जिन घरों में शौचालय नहीं है उन परिवारों को प्रेरित करने के निर्देश दिए ताकि गांव को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्ति दिलवाई जा सके। उन्होंने कहा कि इसका सीधा अर्थ है कि इन घरों के लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं जो कि बहुत खतरनाक है। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे इन घरों में भी पक्के शौचालय बनवाकर खुले में शौच पर पूर्ण प्रतिबंध लगायें।
खुले में शौच करने वालों पर ग्राम सभा लगाये जुर्माना:
सफाई अभियान के बाद उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आने वाले खंड संयोजकों तथा आला अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें उन्होंने कहा कि खुले में शौच पर रोकथाम लगाने के लिए ग्राम सभा की सहायता ली जाये। ग्राम सभा के सदस्य ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाये जो खुले में शौच के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निगरानी समितियों व आंगनवाड़ी वर्करों का पूर्ण सहयोग लिया जाए।
जल संरक्षण के लिए किया ग्रामीणों को प्रोत्साहित:
उपायुक्त ने गलियों में झाडू लगाते हुए संज्ञान लिया कि लोग पानी को व्यर्थ बहा रहे हैं, जिस पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने व्यर्थ मे पानी बहाने वाले लोगों को घर के बाहर बुलाया और उन्हें जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पानी को बर्बाद करने वाले लोगों पर ग्राम पंचायत जुर्माने की राशि निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए भी पानी बचाकर रखना जरूरी है। साथ ही उपायुक्त ने टंकियों, खोखरो में एकत्रित करने वालों को भी विशेष निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पानी को खुला छोडऩे से जगह-जगह पानी ठहर जाता है,  परिणामस्वरूप मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां होती है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा, एसडीएम निर्मल नागर, सीटीएम सुरेंद्र दून, जीएम रोडवेज, आरटीए सुशील कुमार, जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार, डीएसपी आर्यन चौधरी, तहसीलदार हरिओम अत्री, नायब तहसीलदार देशराज कंबोज, बीडीपीओ पूनम चंदा, सरपंच लोकेश गोस्वामी, एक्सईएन यशवीर पंवार, एक्सईएन विकास कुमार, आरके राणा, सीएमओ डॉ० जे एस पुनिया, एसडीओ पंकज गौड़, लीड बैंक मैनेजर नरेंद्र शर्मा, प्रेम सिंह हुड्डा, रमेश डांगी, अनिल सहरावत, अशोक बंसल, कविता, सतपाल वर्मा आदि अधिकारीगण मौजूद थे।

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