पबनेरा के राजकीय स्कूल के बरामदे का लैंटर गिरा, बाल-बाल बचे विद्यार्थी व शिक्षक

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 सोनीपत ( आदेश त्यागी )  पबनेरा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में टूट कर गिरा लैंटर।
सोनीपत। ग्रामीणों के अर्थिक सहयोग से पबनेरा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक द्वारा बनवाए गए बरामदे की लैंटर की छत शनिवार की सुबह अचानक गिर गई। गनिमत रही कि जब लैंटर गिरा तो उसके पास कोई बच्चा व शिक्षक नही था। लैंटर गिरने की आवाज सुनकर आस पास के ग्रामीण स्कूल की तरफ दौड़े और जाकर देखा तो हैरान रह गए। जब किसी जान-माल का नुकसान न होने का पता चला तो ग्रामीणों को शांति मिली। लैंटर गिरने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्याध्यापक पर निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाया। हालांकि स्कूल मुख्याध्यापक ने मामले को छुपाने के लिए पास में कमरों का निर्माण कर रहे मजदूरों को लगाकर गिरे हुए लैंटर को तुड़वाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों को दिखाने के लिए उसे बंद करवा दिया। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में मुख्याध्यापक की देखरेख में बन रहे कमरों में भी घटिया स्तर की ईंटों का प्रयोग करवाया जा रहा था। गेट की लैंटर गिरने पर दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों व दानकर्ता संदीप, सुर्जन आदि ने पैसे एकत्रित कर स्कूल प्रशासन को दे दिए थे, लेकिन मुख्याध्यापक ने उन पैसों का दुरूपयोग कर बरामदे के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया है। स्कूल प्रशासन द्वारा द्वारा निर्माण में बेहतर सामग्री लगानी चाहिए थी। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे कक्षाओं में बैठ कर शिक्षा ग्रहण कर रहे थेलैंटर गिरते समय अगर बड़ा हादसा हो जाता तो अच्छाई की बजाय उन्हें बुराई मिलती। ग्रामीण सुनील, सुरेन्द्र, सुर्जन, रामकुवार कहना है कि अगर शिक्षा विभाग निर्माण सामग्री व गेट के निर्माण में कितने पैसे लगाए गए इस मामले की जांच करे तो मामला उजागर हो सकता है।
पैसे वापस देने का तैयार हूं
स्कूल के मुख्यध्यापक यज्ञदत ने बताया कि बरामदे के लैंटर के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने उन्हें दान दिया था। लैंटर उन्होंने अपनी देखरेख में डलवाया था। ठेकेदार द्वारा दीवार की ज्यादा ईंट निकालने से लैंटर गिरा है। घटिया ईंट भट्टे वाले ने स्कूल में भेज दी। उन्होंने अब ईंट लगाने से मना कर दिया है। अगर ग्रामीण विरोध करते हैं तो वे लैंटर डालने के लिए निर्माण में लगे पैसों को अपने पास से वापिस देने को तैयार हैं।
क्या बाले एसडीएम
एसडीएम निर्मल नागर ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। वे विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी लगाकर जांच करवाएंगे। कोई दोषी होगा तो कार्रवाई की जाएगी।

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