ट्रिपल मर्डर में मामले में एक गिरफ्तार 

सोनीपत ( आदेश त्यागी ) सोनीपत, गत शुक्रवार की रात को खरखौदा में हुए ट्रिपल मर्डर और एक महिला सहित दो व्यक्तियों के गंभीर रूप से घायल होने की चर्चा अब भी लोगो की जुबां पर जिंदा है। पीडि़त परिवार व स्थानीय निवासियों ने कभी सोचा भी नहीं था कि जो परिवार सादगी भरा जीवन व्यतीत कर रहा हो और उसका किसी के साथ कोई झगड़ा एवं दुश्मनी नहीं हो उनके साथ इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी। इससे सभी सकते में है। मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले इस परिवार ने किसी का क्या बिगाड़ा था। जिसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। इस घटना से सभी दुखी व अचंभित है। थाना खरखौदा पुलिस ने मोनू के बड़े भाई सोनू को गांव विधराणा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सोनू को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अस्पताल में उपचारधीन सुशीला के भाई हैं मोनू व सोनू। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार टीमों का गठन किया था।
बीती शुक्रवार 19 नम्बर की रात खरखौदा के वार्ड न. 9 निवासी प्रदीप अपनी पत्नी सुशीला व तीन वर्षीय पुत्री प्रिया के साथ सौ रहा था। जबकि साथ लगते कमरे में उसकी मां सुनीता, पिता सुरेश तथा छोटा भाई सूरज सौ रहे थे। रात्रि करीब सवा दस बजे सूरज को घर में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वह पिता सुरेश व मां सुनीता के साथ अपने कमरे से बाहर आया तो देखा कि दो युवक ों ने उसके भाई प्रदीप व भाभी सुशीला को गोली मार दी थी। वे कुछ समझ पाते इससे पहले ही हमलावरों ने उन तीनों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद कार में सवार होकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रदीप उसकी मां सुनीता तथा पिता सुरेश ने दम तोड़ दिया। जबकि सूरज व नौ माह की गर्भवती सुशीला को पीजीआई रोहतक दाखिल कराया गया। जहां सुशीला ने सीजेरियन डिलीवरी से बेटे को जन्म दिया, किंतु उसकी हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं है। डाक्टर उसकी एक गोली तो निकाल चुके है। लेकिन दो गोली अभी उसके शरीर में है। जिन्हें निकालने के लिए आपरेशन करने होगें। सुशीला के मायके वाले स्वर्ण समुदाय से है। जबकि प्रदीप का परिवार एससी वर्ग से है। वही नवजात शिशु सही सलामत है।
आनर कीलिंग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है
पुलिस इस मामले को आनर किलिंग से जोड कर देख रही है। बतां दे कि खरखौदा के प्रदीप ने चार वर्ष पहले विधराणा-झज्जर की रहने वाली सुशीला से अंतर जातिय विवाह किया था। दोनों एमडीयू रोहतक में पढ़तें थे। इसके बाद से दोनों परिवारों में बेहतर संबंध नहीं थे। शादी के बाद से सुशीला मायके भी नहीं गई। इस दौरान उसने बेटी प्रिया को जन्म दिया। उनकी जिदंगी हंसी-खुशी गुजरने लगी। इस बीच सुशीला के भाई मोनू को भी उनके घर पर आना-जाना या फिर बाहर मिलना-जुलना शुरू हो गया। शादी के चार साल बाद ऐसी वारदात हुई जिसकी आंशका परिजनों को भी नहीं थी। सोनीपत के एसपी अश्विन शैणवी ने खरखौदा में पीडित परिवार से मुलाकात कर उन्हे हत्या आरोपियों के खिलाफ कड़ी कारवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही पीडित परिवार को पूरी सुरक्षा व सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल्द ही अरोपी सलाखों की पीछे होगें।
बेटी को नहीं पता क्या हुआ
प्रदीप की तीन साल की बेटी प्रिया वारदात के समय अपने माता-पिता के साथ थी। घटना के बाद जब पडोसी वहां पहुंचे तो वह बैड पर खड़ी रो जरूर रही थी। लेकिन उसे यह नहीं पता कि आखिर हुआ क्या है। उसे नहीं पता कि उसके पिता, दादा व दादी अब इस दुनिया में नहीं रहे। साथ ही मां व चाचा पीजीआई रोहतक में जिंदगी की जग लड़ रहे है। इसी प्रकार प्रदीप की छोटी बहन ललिता घटना के दिन पढ़ाई का अपने ताउ ओम प्रकाश के घर में सो गई। इस क ारण वह हमालवरों के निशाने से बच गई।
खरखौदा थाना प्रभारी कर्मबीर सिंह ने बताया कि सुशीला के भाई सोनू को गांव विधराणा (झज्जर) से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी सोनू को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की संलिप्ता का भी पता लग सके।

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