सोनीपत विदेशी भाषाओं के अध्ययन से रोजगार की अपार संभावनाएँ :

  सोनीपत इंडिया की दहाड़ ब्यूरो ( आदेश त्यागी )     गौरव शर्मा ने बताया की  विदेशी भाषाओं के अध्ययन से रोजगार की अपार संभावनाएँ भूमण्डलीकरण आज समय की मांग है | भारत भी यदि इसका हिस्सा बनना चाहता है तो उसे भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का महत्व समझना होगा और उन्हें अपनाना होगा | विदेशी भाषाओं की देश बढ़ावा देने से न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि होगी बल्कि रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे | भारत IMG-20170103-WA0084में विदेशी भाषाओं को सिखने – सिखाने में कई प्रकार के व्यवधान भी हैं, जैसे स्कूली शिक्षा के दौरान कक्षा आठ तक त्रि-भाषा सूत्र लागु है, पर यहाँ एक अड़चन यह है कि विदेशी भाषा को विभिन्न प्रादेशिक भाषाओं के साथ ही त्रि-भाषाई सूत्र में शामिल किया गया है | ऐसे में सरकार का यह प्रयास आधा-अधूरा साबित होता है क्योंकि विद्यार्थी चाहते हुए भी अपनी प्रादेशिक भाषाओं को नहीं छोड़ पाते हैं | यही कारण है कि बहुत से विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं कक्षा के बाद विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, डिप्लोमा पाठ्यक्रम और फिर उच्च उपाधि प्राप्त करने हेतु अध्ययन करते हैं |

अतः विदेशी भाषा को लेकर एक स्पष्ट नीति बने, ताकि विद्यार्थी स्कूली स्तर पर ही विदेशी भाषाओं का अध्ययन कर अपना भविष्य निर्माण कर सकें तथा रोजगार के अच्छे अवसर प्रा

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