हरियाणा वन विभाग ने प्रदेश में लकड़ी आधारित उद्योगों500 नए लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया है।

चंडीगढ़,इंडिया की दहाड़ ब्यूरो  हरियाणा वन विभाग ने प्रदेश में लकड़ी आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए लगभग 500 नए लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया है। वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि ये लाइसेंस विभाग द्वारा विकसित की जा रही ई-नागरिक सेवा नामत: ‘लकड़ी आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए लाइसेंस प्रदान करना’ के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। 
उन्होंने बताया कि ऐसे उद्योगों की स्थापना से कृषि वानिकीकरण के तहत और अधिक वृृक्ष लगाने तथा हरियाणा वन नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।  पहले से स्थापित लकड़ी आधारित उद्योगों का ऑनलाइन नवीकरण किया जाएगा। 
मंत्री ने बताया कि विभाग ने  ‘वृक्ष काटने की अनुमति’ और ‘पीएलपीए या वन या प्रतिबन्धित भूमियों के सम्बन्ध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र’ के नाम से दो ई-नागरिक सेवाएं पहले से ही शुरू की हुई हैं। इन दोनों सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के साथ जोड़ा गया है। 
उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 के दौरान एचएसआरएसएसी के माध्यम से 14 जिलों में खण्ड वन क्षेत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है। महेन्द्रगढ़, अम्बाला, कुरुक्षेत्र, मेवात, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी जिलों में  डिजिटलीकरण  का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस अवधि के दौरान लगभग 18,842 हैक्टेयर भूमि पर 141.01 लाख पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त, 31.56 लाख पौधे बेचे अथवा वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘हर घर हरियाली’ कार्यक्रम के तहत घरों में 12.58 लाख पौधे लगाए गए। 
राव नरवीर ने कहा कि लोगों को प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षा करने के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए कलेसर से प्रकृति शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि  हिसार, जींद और भिंडावास में प्रकृति शिक्षा और जारूकता केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

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