मुरथल रोड पर बनाए जा रहे हैं खाद निर्माण के 20 गड्ढ़े

सोनीपत इंडिया की दहाड़ ब्यूरो (IMG_3009 आदेश त्यागी )  कूड़े से खाद बनाने की जिला प्रशासन की परियोजना यहां के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होने वाली है। इस परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है और कुछ ही समय के बाद शहर के कचरे से कीमती खाद का उत्पादन शुरू हो जाएगा। उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने दीनबंधू छोटू राम विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय मुरथल के समीप परियोजना के चल रहे कार्य का निरिक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए।
उपायुक्त ने कहा कि यह परियोजना एक पंथ दो काज वाली कहावत को चरितार्थ करेगी। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां शहर से कचरे की निकासी व्यवस्थित ढंग से होगी वहीं यह बेकार कचरा खाद बनकर किसानों की फसलों के लिए लाभकारी होगा। सुजान सिंह पार्क कालोनी में परियोजना के तहत सुखे व गीले कचरे को पिछले दो माह से अलग-अलग करके उसकी निकासी का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए जिला प्रशासन ने सुजान सिंह पार्क कालोनी के लोगों को प्रेरित किया और उसके बाद से ही लोग सुखे व गीले कचरे को अपने स्तर पर ही अलग-अलग इक_ा करते है और बाद में नगर निगम के कर्मचारी इस कचरे को ले जाते है।  पांडुरंग ने कहा कि अब 9 जनवरी से सेक्टर 14 में भी सुखे व गीले कचरे को घरों से ही अलग-अलग करके इक_ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेक्टर 14 के 1700 घर इस कार्य के लिए तैयार हो गए है। लोगों को अपने घरों में दो-दो कूड़ेदान रखने चाहिए, जिनमें एक में सुखा व दूसरे में गीला कचरा इक_ा किया जाएगा। गीले कचरे का प्रयोग परियोजना के तहत खाद बनाने के लिए होगा। सेक्टर 14 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य ने इस कार्य के लिए 50 से 60 घरों की जिम्मेदारी ली है। परियोजना के तहत मुरथल रोड पर खाद तैयार करने के 20 गड्ढे तैयार किए जा रहे है। लगभग आधे गड्ढे तैयार हो चुके है और शेड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने शहर के लोगों से इस परियोजना को सफल बनाने के लिए अपना योगदान देने की अपील की है और कहा कि यह अभियान तभी कामयाब हो पाएगा जब लोग अपने घर के स्तर पर ही सुखा व गीला कचरा अलग-अलग करके नगर निगम को सौपेंगे।

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