सोनीपत बंधक बना युवक की पिटाई के मामले में अढ़ाई साल की सजा 3 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया

सोनीपत इंडिया की दहाड़ रिपोर्टर  ( अमित त्यागी ) वर्ष 2013 में चिढाना गांव निवासी चालक सितेंद्र को बंधक बना खरखौदा के दलबीर ठेकेदार ने उसकी पिटाई की थी और 9 दिनों तक बंधक बनाया था। सितेंद्र के पिता का देहांत होने पर उसे छोड़ा था। यह मामला खरखौदा न्यायालय में डा. कविता कंबोज की अदालत में चला हुआ था। जिसमें न्यायधीश डा. कविता कंबोज ने मामले का फैसला करते हुए आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया और उसे तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया और तीन धाराओं के तहत धारा 325 में 6 महीने व एक जार जुर्माना, धारा 343 में एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपए जुर्माना, धारा 325 में एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जिसके तहत कुल अढ़ाई वर्ष की सजा व तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
ये था मामला
चिड़ाना सोनीपत निवासी सितेंद्र पुत्र औमप्रकाश ने खरखौदा पुलिस को शिकायत दी थी कि वह खरखौदा के दलबीर ठेकेदार के यहां पर चालक का काम करता है। उसके 7 हजार रुपए की राशि उससे कहीं गुम हो गई थी। इस राशि को वापस लेने के लिए ठेकेदार ने उसकी डंडों से पिटाई की और 9 दिनों तक उसे अपने एक कमरे में बंद करके बंधक बना दिया। उसके फोन पर सूचना आई कि उसके  पिता औमप्रकाश का देहांत हो गया है। इस सूचना के बाद ठेकेदार दलबीर ने उसे छोड़ दिया। वह गिरता पड़ता अपने घर पहुंचा और इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 325 व 343 के तहत मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी थी।

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