देश के विकास में बैंकिंग संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान

  LogoIKD देश के विकास में बैंकिंग संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पानीपत जिला में भी बैंकिंग संस्थाओं ने जिला के विकाIMG20170511152306स कार्यों को पूरा करवाने और रोजगारपरक योजनाओं को पूरा करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस गति को निरन्तर बनाए रखने के लिए सभी बैंकिंग संस्थाएं 31 मई से पूर्व सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में और अधिक बेहतर प्रदर्शन करें ताकि इस जिला को विकास के मामले में प्रथम स्थान पर लाया जा सके।
यह आहवान उपायुक्त डॉ0 चन्द्रशेखर खरे ने लघु सचिवालय के कांफ्रैंस हाल में आयोजित डीएलआरसी एवं डीसीसी की वार्षिक बैठक को सम्बोधित करते हुए किया। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त एलडीएम राकेश वर्मा,पीएनबी के चीफ मैनेजर वीके शर्मा, आरबीई के एलडीओ- वी.के. कुरिल व डीडीएम नाबार्ड संजय कुमार के अलावा जिला के सभी बैंकों के प्रबन्धकों व जिला के सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त डॉ0 खरे ने कहा कि जिला के विकास के लिए चालू वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 6330 करोड़ रूपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बैकिंग संस्थाओं ने 5769 करोड़ रूपये के ऋण लाभार्थियों को दिए हैं। जो 91 प्रतिशत से अधिक है और जो अन्य जिलों से बेहतर प्रदर्शन बैंकिंग संस्थाओं का रहा है। उन्होंने बैंक संस्थाओं से अनुरोध किया कि वे सरकारी योजनाओं के लिए लोगों को और अधिक जागरूक करें, जिनमें भीम एप्प, आधार लिंक, बैंक खाते से मोबाईल नम्बर लिंक योजना के अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पैंशन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजन, मुद्रा योजना और मनरेगा जैसी योजनाएं शामिल हैं। इस पर एलडीएम राकेश वर्मा ने बताया कि भारत सरकार की योजना के अनुसार पूरे भारत में इन योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने और बैंकिंग प्रणाली के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए हर गांव में जागरूकता शिविर बैंकों की ओर से लगाए जाएंगे। इस पर उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए कि इन कैम्पों में लोगों को मौके पर ही आधार कार्ड बनवाने व सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए काउंटर लगाए जाएं और इसका पूरा कार्यक्रम तैयार करके जिला प्रशासन को दिया जाए।
डॉ0 खरे ने कहा कि पानीपत जिला रोजगार के मामले में पूरे भारत में जाना जाता है और इस गति को कायम रखने के लिए मुद्रा योजनाऔर स्टैण्ड अप इंडिया योजना पर व प्रधानमंत्री रोजगार योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई  से पूर्व स्टैण्ड अप योजना के तहत सभी बैंक कम से कम एक-एक व्यक्ति को  ऋण देकर रिपोर्ट तत्काल जिला प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अत्यधिक महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें रोजगार स्थापित करने के लिए सामान्य जाति की महिलाओं और अनुसूचित जातियों व जनजाति के व्यक्तियों को दस लाख से एक करोड़ रूपये तक लोन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पांच हजार गांवों में जल संरक्षण के लिए 15 मई से 15 जून तक विशेष प्रशिक्षण लोगों को दिया जाएगा। जल संरक्षण प्रशिक्षण में सभी सरपंच पूर्ण सहयोग करेंगे। इस अवधि के दौरान सरकारी व अर्ध सरकारी व निजी सीनियर सैकेण्डरी स्कूल व कालेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे और जल संरक्षण को लेकर जागरूकता शिविर और प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हर प्रकार का सहयोग देगा। अन्य बैंकों को भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भरपूर सहयोग देना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि उन्हें खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि केन्द्र व प्रदेश सरकार ने गरीब लोगों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं बनाई हैं तथा इन योजनाओं के ऋण की गारन्टी भी सरकार की ओर से दी गई है, लेकिन कुछ बैंकिंग संस्थाएं आवेदक का किसी प्रकार का भी सहयोग नहीं करती और न ही निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की प्रवाह करती हैं, जिनमें एक्सिज बैंक, देना बैंक, एचडीएफसी बैंक, कर्नाटका बैंक, इलाहबाद बैंक, सैन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक जैसी अनेक बैंकिंग शाखाएं शामिल हैं। उन्होंने इन लापरवाह बैंकिंग संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि 31 मई से पूर्व अपनी कार्यप्रणाली मेें सुधार लाएं, वरना उनके विरूद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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