मानव की संवेदनाएं निश्चित तौर पर व्यथित होना स्वाभाविक डीसी सुमेधा कटारिया

पानीपत, (ब्यूरो );समाज में घटित कई ऐसी घटनाएं और व्यवस्थाएं मानव को सोचने पर मजबूर कर देती हैं या यूं कहें कि बतौर मानवता इस तरह की परस्थितियों में उसकी संवेदनाएं उसको झकझोर कर रख देती हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। खासकर जब आदमी की समाज के प्रति जवाबदेही और जिम्मेदारी आवश्यकता से अधिक हो।
कुछ ऐसा ही हुआ जब सोमवार सांय करीब 5 बजे का समय और बिना किसी ताम-झाम और सरकारी अधिकारियों के अमले के बगैर डीसी सुमेधा कटारिया का शिव नगर के बाल श्रमिक केन्द्र में पंहुचना होता है और उस परिसर को देखकर उनका मन दुखी ही नही हुआ बल्कि सोचने पर मजबूर हुआ कि ऐसा क्यों हुआ है क्योंकि ऐसे वातावरण में किसी भी मानव की संवेदनाएं निश्चित तौर पर व्यथित होना स्वाभाविक है। चाहे वह मनुष्य कितने ही बड़े ओहदे पर क्यों ना हो।
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने जब शिव नगर श्रमिक केन्द्र में बच्चों से बात की तो बच्चों ने डर-डर कर जो बातें बताई कि किस तरह से उनके बाथरूम के दरवाजे भी नही हैं, जूते-चप्पल नही है, बाल्टी नही है, तोलिया नही है और अन्य वो सभी सुविधाएं जो मानवता के नाते बनती हैं और मिल नही रही हैं, तो उनका गला रूंध आया। उन्होंने तुरन्त अपने साथ मौके पर मौजूद जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीधि गुप्ता से इस मामले पर सारी बातें सांझा की। उपायुक्त ने बच्चों के साथ मिलकर हम होंगे कामयाब एक दिन गीत के बोल भी गुनगुनाए और उनका हांैसला भी बढाया। यही नहीं उन्होंने फौरी तौर पर मूलभूत आवश्यक चीजे उपलब्ध करवाने का मन बनाया और बच्चों से वायदा भी किया कि दो महिनें के अन्दर वे इसे आधुनिक बाल श्रमिक केन्द्र बनाकर दम लेंगी चाहे इसके लिए उन्हें झोली ही क्यों ना फैलानी पड़े।
डीसी ने मानवता के नाते कुछ सामाजिक संगठनों और राहगीरी टीम के सदस्यों से बात की जिन्होंने दिल खोलकर इस पुर्नवास केन्द्र के पुर्नउद्धार के लिए अपने मंसूबे जाहिर कर दिए। समाजसेवी सीमा बब्बर ने बच्चों के लिए टीवी और 40 जोड़े चप्पल और खिलौने व बाल्टी इत्यादि, गोपी जी सोसायटी द्वारा 40 जोड़े जूते और बैड सीट, समाजसेवी कंचन सागर द्वारा कूलर, विक्की कात्याल द्वारा कंघी व साबुन इत्यादि की 40 किट देने की प्रतिबद्धता जताई। यही नहीं समाजसेवी मूरली भाई ने एक साल का डीटीएच का खर्च वहन करने का जिम्मा उठाया। डीएफएससी अनिता खर्ब ने बच्चों के लिए तोलिये उपलब्ध करवाने का जिम्मा लिया। मंगलवार को उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने पुन: श्रमिक केन्द्र में जाकर स्वयं अपने हाथों से ये चीजें बच्चों को दी तब कही जाकर उन्होंने चैन की सांस ली। उन्होंने कहा कि जब बीती शाम सोमवार को वे यहां पर आई थी तो पूरी रात उनके जहन में यही बात उनको विचलित करती रही।
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने बाल श्रमिक पुर्नवास केन्द्र की माली हालत को सुधारने के लिए इसे डी-प्लान के तहत दोबारा बनवाने, इसमें सोने के लिए बैड इत्यादि का खर्च, इण्डोर गेम्स इत्यादि सभी चीजे उपलब्ध करवाई जाएगी। डीसी सुमेधा कटारिया ने इस पुर्नवास केन्द्र के उद्धार के लिए आगे आने वाले सभी समाजसेवियों और राहगीरी टीम के सदस्यों का जिला प्रशासन की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य मानवता से जुड़ा हुआ है, क्योंकि मानवता का सीधा सम्बंध भगवान से है और इसमें किसी पद या किसी विशेषता की जरूरत नही होती। इसमें केवल मानव बनकर ही काम किया जा सकता है और मानव बनकर ही सोचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और प्रत्येक बच्चे की देखभाल और लालन-पालन भी समाज की महत्ती जिम्मेदारी है। जीवन के हर मोड़ पर एक दूसरे का साथ देना ही मानवता की पहचान है। इस मौके पर समाजसेवी गौरव लिखा,मेहूल जैन, सीमा ब्बर,सदंीप जिंदल, ललित गोयल, वीना रानी, आरती, हर्षा, डीएफएससी अनीता खर्ब, नीलम, निधि गुप्ता, विवेक गुप्ता, सुमित मित्तल, राज सिंगला, सुरेन्द्र गर्ग, शहीद भगत सिहं क्लब के सभी सदस्य, सुरेश काबरा, संदीप, रोशनलाल जिंदल, भरत जिंदल, सोमदत वार्डन , कंचन सागर, मनीषा, दीप्ति के अलावा राहगिरी कोर कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
फोटो-180007, 181110, 181509,181600,181616पानीपत, 15 मई। दैनिक जागरण पानीपत यूनिट के पत्रकार बलराज सैनी के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल, मीडिया एडवाईजर राजीव जैन व अमित आर्य और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर एवं सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीरपाल सरो व उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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