नगर निगम पानीपत अपनी टेंडर प्रणाली में बदलाव करके सरकार को करोड़ों का चूना लगाने की फिराक में

पानीपत(24 अगस्त) : नगर निगम आयुक्त अपनी टेंडर प्रणाली में बदलाव करके सरकार को करोड़ों का चूना लगाने की फिराक में  अपने चहेते और बराबर के हिस्सेदार कंपनी / ठेकेदारों को फर्जी तरीके से निगम में प्रवेश करवाने की तैयारी में है यह बात यहां मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जन  आवाज  सोसाइटी के प्रधान एवं पूर्व जिला पार्षद जोगेंद्र स्वामी ने  कहीं उन्होंने कहा कि आयुक्त नगर निगम द्वारा अपने चहेते और बराबर के हिस्सेदार कम्पनी / ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए इन टैंडरों  की आड में सीधे रूप से करोड़ों का घोटाला करने की मंशा से निगमायुक्त द्वारा टेंडर देने की ऐसी शर्त रखी गई है जो किसी  सीधे सादे आदमी को भी किसी बड़ा घोटाला होने की तरफ इशारा करती है ।
उन्होंने कहा कि जारी नए  टेंडरों में वही कंपनी / ठेकेदार हिस्सा ले सकता है जिसका केवल पिछले 1 साल का टर्नओवर 5 करोड़ हो और उसका मुनाफा 12प्रतिशत हो जबकि इस प्रकार की पुरे  हिंदुस्तान में अपने आप में ही ये एक  अजीबो गरीब शर्त रखी गई है क्योंकि टैंडर देने से पूर्व सभी विभागों में उसका कम से कम 5 से 7  साल की  टर्नओवर ली  जाती  है लेकिन पानीपत नगर निगम में यह सिर्फ केवल 1 साल के लिए रखी गई है चाहे वह इसी साल का हो या पिछला 1 साल का हो। नगर निगम आयुक्त की इस शर्त के लागू होने से पहले जो टैंडर 5  से 10प्रतिशत तक के माइनस पर लिए जाते थे अब वह आयुक्त नगर निगम की तुगलकी फरमान के चलते 12प्रतिशत मुनाफे की आड़ में यह मुनाफा 30 से 40प्रतिशत तक चला जाएगा क्योंकि यह अपने आप मे एक कंपनी की ही एक दो ओर शाखाएं होंगी जो अपनी मनमर्जी के रेट बढ़ेंगे और पानीपत नगर निगम को लूटने का कार्य करेंगे क्योंकि अब तक जहां माइनस में टैंडर छूटते रहे हैं अब वह सीधे रूप से  प्रॉफिट में जायेंगे अब नगर निगम द्वारा 33.24 करोड़ के टैंडर लगा दिए गए हैं जिससे शुद्ध रूप से नगर निगम को कम से कम 12 से 15 करोड़ का नुकसान पहुंचेगा और आने वाले समय में इस घोटाले का आंकलन करना भी बहुत मुश्किल हो जाएगा ।
स्वामी ने कहा कि इसमें सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि नई शर्त के मुताबिक कोई भी कंपनी या ठेकेदार केवल 1 साल का अपना टर्नओवर और उसका 12प्रतिशत मुनाफा ही दिखाएंगे उस कंपनी का चाहे भले ही कूड़े का काम हो या कबाड़ी का उसका अनुभव नहीं मांगा गया है। आयुक्त महोदय द्वारा सीधे एक ठेला  वाले को जहाज चलाने के लिए बोला गया है हमारे माननीय आयुक्त महोदय की ऐसी शर्त तो शायद दुनिया में ही किसी कोने में हो और इसमें एक हैरान करने वाला यह भी मामला है कि टैंडर लगाने वाली कंपनी का टर्नओवर और मुनाफा केवल 1 साल का मांगा गया है जो अपने आप में ही किसी बड़े षड्यंत्र की तरफ इशारा करता है क्योंकि कोई भी कंपनी अपना 1 साल का 12प्रतिशत मुनाफा दर्शाकर टैंडर ले लेगी भले ही उस कंपनी का चाहे पिछला कुछ भी इतिहास रहा हो, लेकिन इस बार में ही उसको अपनी कंडीशन पूरी करके नगर निगम को लूटने का लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान की इस प्रकार की शर्तें पूरी करने वाली कोई भी बड़ी से बड़ी कंपनी चाहे क्रद्गद्यद्बड्डठ्ठष्द्ग हो टाटा हो एल एण्ड टी हो हिन्दुस्तान कंस्ट्रशन जैसी बड़ी कम्पनी या कोई और भी ऐसी कंपनी हो जो इस शर्त को पूरा ही नहीं कर सकती जोकि 12प्रतिशत मुनाफे का सीधा सा मतलब है की  आप देश को लूटने के लिए चल दिए हैं उन्होंने कहा कि यह भंवरजाल कमिश्नर द्वारा केवल अपने चहेतों द्वारा पानीपत को लूटने के लिए बिछाया गया है।
 स्वामी ने कहा कि नगर निगम हर अपने रिकॉर्ड में लोकनिर्माण विभाग में टैंडर का हवाला देती है  लेकिन यहां पर  पी डब्ल्यू डी की शर्तों को क्यों नहीं रखा  गया है उन्होंने कहा कि पानीपत को हर अधिकारी एक लूट का अड्डा समझता है और यहां की भोली-भाली जनता को लूटने के लिए एक निर्धारित राशि तय  करके आता है कि मुझे पानीपत को इतने करोड़ में लूटना है उन्होंने कहा कि माननीय आयुक्त महोदय यह स्पष्ट करें कि उन द्वारा 5 करोड़ का टैंडर मांगा गया है तो उसमें 9.82 करोड़  दूसरा 6.71 करोड़ का टैंडर किस नियत से लगाया गया जब पूरा देश राष्ट्रीय शोक में डूबा हुआ था तो फिर 17 अगस्त को टेंडर ऑनलाइन क्यों किए गए उन्होंने कहा कि किसी भी टैेंडर पर किसी टेक्निक अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है जबकि  टैंडर कार्यकारी अभियंता द्वारा जारी किये जाते हैं लेकिन इन टेंडरों को 3 छुट्टियों का फायदा उठाते हुए की   इसकी कहीं भनक ना लग जाए  आनन-फानन में जारी कर दिया गया।
स्वामी ने कहा  कि इस षड्यंत्र में भारतीय जनता पार्टी के सरकार में हिस्सेदार जनप्रतिनिधि भी शामिल है उन्होंने कहा कि यह सरकार खुद को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश होने का दावा करती है लेकिन उसके  दिन-पर-दिन घोटाले होते जा रहे हैं फिर आप किस जीरो टॉलरेंस की बातें करते हैं उन्होंने कहा कि जन आवाज  सोसाइटी अपने शहर को लूटने नहीं देगी और इस मामले को लेकर एक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा एवं सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के साथ-साथ शहर के लूटने वाले  नेताओं और अधिकारियों का भी पर्दाफाश किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में आयुक्त नगर निगम सहित जो अधिकारी दोषी हैं उन पर अपराधी मामला दर्ज कर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त  करने एवं इस षडयंत्र की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की है। इस अवसर पर रणजीत भोला, अमित श्रीवास्तव, स. जयपाल, सोनू कपूर, सुनील डावर, आदि मौजूद थे।

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