मिर्चपुर कांड फैसले की वाल्मीकि समुदाय ने की खुले दिल से सराहना

हरियाणा के चर्चित मिर्चपुर दलित कांड के आरोपियों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की वाल्मीकि समुदाय ने खुले दिल से सराहना की है ! बाबा खाकशाह ब्रह्मचारी व महाऋषि वाल्मीकि मंदिर सुधार समिति के पदाधिकारियों ने मिर्चपुर कांड को लेकर फैसला देने वाले माननीय जजों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि ऐसे फैसले से दलितों का न्याय व्यवस्था में आस्था बढ़ेगी !

उल्लेखनीय है कि विगत 8 साल पूर्व 10 अप्रैल 2010 को हरियाणा के मिर्चपुर गांव में एक कुत्ते को डंडा मारने को लेकर हुए विवाद ने जबरदस्त जातीय हिंसा का रूप ले लिया था ! दबंगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी थी जिसमें गांव के ताराचंद नामक 60 वर्षीय वृद्ध तथा उसकी 17 वर्षीय दिव्यांग बेटी की मौत हो गई थी गत 20 अगस्त 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस मुरलीधर और आईएस मेहता की खंडपीठ में मिर्च पुर कांड के 33 दोषियों को सजा का एलान करते हुए 12 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ! कोर्ट के इस फैसले पर प्रसंता जाहिर करते हुए महर्षि वाल्मीकि मंदिर सुधार समिति के प्रचारमंत्री युद्धवीर सिंह ने कहा कि कोर्ट के फैसले से दलितों का उत्पीड़न करने वालों को सबक मिलेगा तथा दलितों की न्याय व्यवस्था में आस्था बढ़ेगी

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