मेरी बेटी नहीं कर सकती आत्महत्या

पहले थाने फिर महिला थाने और अब दुर्गा शक्ति ऐप लेकिन फिर भी सुरक्षित नहीं है बेटियां |

ऐसे ही एक मामला हरि सिंह कॉलोनी नूरवाला की रहने वाली सुषमा पत्नी पुष्पा ने 21-8- 2018 को किला चौकी में दर्ज करवाया और उसने बताया की आशीष नामक लड़का आते जाते उसकी बेटी कंचन को परेशान करता था । जिसके बाबत कंचन ने उसे बताया भी था इस बात को लेकर के सुषमा ने आशीष को धमकाते हुए ऐसी हरकत करने से मना किया था लेकिन कुछ दिन बाद उसने फिर से वही हरकतें शुरू कर दी।

21-8 -2018 को कंचन का शव घर के कमरे में ही फंदे से लटकता मिला। सुष्मा का कहना है कि उसकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की बल्कि आशीष ने हीं उसे इस अंजाम तक पहुंचाया है। उसने पुलिस स्टेशन में आशीष के खिलाफ 22-8-2018 को किला थाने में FIR भी दर्ज करवाई, लेकिन आज 20-25 दिन बीत जाने के बाद जब भी वह पुलिस स्टेशन जाती है तो उसे यही आश्वासन दिया जाता है कार्रवाई चल रही है। जबकि कार्रवाई के नाम पर सुषमा तो दिन-रात थाने के चक्कर काट रही है।

लेकिन पुलिस प्रशासन सुप्त अवस्था में है। सुषमा का तो सीधे-सीधे पुलिस प्रशासन पर आरोप है कि ”वह लोग सिर्फ पैसे ले कर के ही लोगों को न्याय दिलवाते हैं। गरीब आदमी की कहीं कोई सुनवाई नहीं। बेटियां देश कि वह धरोहर जिनसे एक नहीं कई परिवार चलते हैं ऐसी बेटियों को बचाने में प्रशासन का कोई सहयोग नहीं।”

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