नगर निगम जोगेंद्र स्वामी

मेरे शहर को लुटने से बचा लो साहब !

 मुख्यमंत्री ने ली भ्रष्टाचार की आ रही शिकायतों पर जानकारी

नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले में आज मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार श्री विशाल सेठ द्वारा नगर निगम का अधिकारियों को रेस्ट हाउस में तलब करके भ्रष्टाचार की आ रही शिकायतों पर जानकारी ली। उन्होंने अगले शुक्रवार तक सभी रिकॉर्ड जमा करने के आदेश दिए। इस अवसर पर भ्रष्टाचार के मामले को उठा रहे जन आवाज सोसाइटी के सदस्य भी स्थानीय रेस्ट हाउस में पहुंचे। वहा उन्होंने इस भ्रष्टाचार की जांच कर रहे विशाल सेठ को नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार के सबूत पेश किए।

जन आवाज सोसाइटी के प्रधान एवं पूर्व जिला पार्षद जोगेंद्र स्वामी ने उन्हें अवगत करवाया की आयुक्त नगर निगम और ठेकेदार कि मिली भगत के चलते नगर निगम में करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ की टर्नओवर पर 8% का मुनाफा की शर्त रख कर केवल अपने चहेते ठेकेदार को ठेका देने की मंशा नगर पालिका कर रही है। इसी मंशा से एक तुगलकी फरमान जारी किया गया जिस टेंडर को L&T हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियां भी लेने के योग्य नहीं है। क्योंकि इतना बड़ा प्रॉफिट जो सीधे रूप से लूट मचाने के लिए होता है किसी कंपनी के पास नहीं है।

नगर निगम ने दिए अपने चहेते ठेकेदारों को टेंडर

उन्होंने बताया कि आयुक्त नगर निगम ने सभी नियमों को ताक पर रख कर अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर देकर करोड़ों का घोटाला किया है। उनका कहना है कि जो टेंडर 50 लाख से नीचे के रखे गए थे वह सभी 13 से 17% घाटे में गए और जो टेंडर अपने चहेते ठेकेदार को एक करोड़ से ऊपर शर्तों का खेल खेलकर दिए गए। वह सभी 23 से 27% प्रॉफिट पर गए है। जो सीधे रूप से करोड़ों रुपए का घोटाला साबित करता है।

5 करोड़ का टर्नओवर और 8% प्रॉफिट की बात पर विशाल सेठ ने भी हैरानी प्रकट करते हुए कार्यकारी अभियंता पी.डब्ल्यू.डी से पूछा कि इतना प्रॉफिट तो रिलायंस का भी नहीं है। तो क्या यह शर्त हो सकती है ? इस पर कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी ने कहा कि इस प्रकार का तो कहीं नियम है ही नहीं। इस पर उन्होंने सोसायटी के सदस्यों को आश्वासन दीया की इस मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच की जाएगी।

जोगेंद्र स्वामी ने किआ निष्पक्ष जाँच पर संदेह

जोगेंद्र स्वामी ने उनकी निष्पक्ष जांच पर संदेह प्रकट करते हुए कहा कि पूरे नगर में चर्चा है कि ठेकेदार द्वारा ही आयुक्त नगर निगम का ट्रांसफर पानीपत में करवाया गया। उनके द्वारा ही कार्यकारी अभियंता सहायक अभियंता ट्रांसफर करवा कर पानीपत में लगवाए गए हैं। तो आप की सरकार में जब ठेकेदार की चल रही है तो आप की जांच कैसे हो पाएगी ?

स्वामी ने कहा कि पूरा शहर लूट रहा है और जनप्रतिनिधि इस लूट का हिस्सा बने हुए हैं। ना तो कोई विधायक और ना ही पार्षद इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। बल्कि वह केवल पार्क बनवाने की लूट में ही मशगूल हैं। उन्होंने कहा कि गरीब बस्तियों में सरकारी स्कूलों की और स्वास्थ्य केंद्रों की हालात जर्जर हुई पड़ी है। हमारे विधायकों का गरीब मजदूर लोगों के बच्चों की पढ़ाई की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हमारे किसी विधायक ने यह नहीं सोचा कि मैं इस सरकारी स्कूल को मॉडर्न स्कूल बनाऊंगा। बल्कि सभी जनप्रतिनिधि पार्कों के टेंडरों की हो रही लूट में भ्रष्ट लोगों को अपना मुक समर्थन दे रहे हैं।

इस मौके पर उनके साथ नरेश गुप्ता, अमित श्रीवास्तव, नरेंद्र स्वामी, सरदार शमशेर सिंह भल्ला ,सुनील डावर ,सोनू कपूर, राकेश शर्मा उपस्थित थे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *