दिग्विजय चौटाला

पहली बार नेता प्रतिपक्ष का पद बचाने के लिए विधायकों का किया गया गलत इस्तेमाल: दिग्विजय चौटाला

डा. अजय सिंह चौटाला के पीठ में छुरा  घोपने वालों का जल्द होगा ईलाज


भिवानी,  इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश के युवाओं के आईकोन दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जिस व्यक्ति को अपने विधायकों पर ही विश्वास ही नहीं वो पार्टी को कभी नहीं चला सकता । इतिहास के पन्नों में काला अध्याय लिख पहली बार नेता प्रतिपक्ष बचाने के लिए विधायकों का गलत इस्तेमाल किया गया और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। ये लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है। समय आने पर प्रदेश की जनता ऐसे लोगों का बंटाधार करने में नहीं चुकेगी। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जो बिना सरकार के कार्यकर्ताओं का सम्मान करना नहीं जानते उनके हाथ में प्रदेश की जनता कभी भी बागड़ोर नहीं देगी। अलबता समय आने पर इन लोगों की तानाशाही को जनता जवाब देगी।


चौटाला ने कहा कि जींद से पाण्डवों ने न्याय युद्ध की शुरूआत की थी और अंत में जाकर विजयी हासिल की थी एक बार फिर से न्याय की लड़ाई में जींद की पावन धरा से नये युग की शुरूआत करेंगे और अन्यायियो, अत्याचारियों के खिलाफ बिगुल बजाऐंगे। दिग्विजय ने कहा कि 17 नवम्बर को जींद की धरती से हरियाणा प्रदेश की जनता की आवाज को बुलंद कर बड़ा फैसला लिया जाएगा और जिन लोगों ने डा. अजय सिंह चौटाला के साथ विश्वासघात किया है उन्हें निकट भविष्य में करारा जवाब दिया जाएगा।

दिग्विजय चौटाला


विधायकों के दिलों में डा. अजय चौटाला बसे हुए हैं


दिग्विजय चौटाला ने कहा  कि विधायकों को जबरदस्ती होटलों में नजरबंद करना तानाशाही को दर्शाता है। धक्केशाही से विधायकों को नहीं रोका जा सकता है क्योंकि उनके दिलों में डा. अजय चौटाला बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश को तानाशाही से बचाने के लिए आज 36 बिरादरी के लोग एक झण्डे एक डंडे के नीचे आ चुके हैं। जिस षडयंत्र के तहत पहले तो दुष्यंत ओर मुझे सोची समझी रणनीति के बल पर निष्काशित किया गया और उसके बाद इन तानाशाहों ने पार्टी के संविधान को ही ताकपर रखकर डा. अजय सिंह चौटाला को निष्काशित करने का ओच्छा उदाहरण पेश किया।

उन्होंने जेल से आई चिटठी पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि चिटठी बाद में पेश की जाती है जबकि निष्कासन पहले होता है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि समय पर तानाशाहों के इस झुण्ड का ईलाज किया जाएगा। जिन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी को दो फाड करने का काम किया है। चौटाला ने कहा कि लोगोंं के दिलों में काम करने वाला ही नेता बसता है और जिंदाबाद के नारे भी उन्हीं नेताओं के लगते हैँ जो जनता के सुख दूख में शामिल होना अपना कर्तव्य समझता है।


दिग्विजय ने कहा कि आज कुछ नेता अपने आपकों हिटलर की प्रवृति का मानते हैं। उन्हें लगता है कि ये देश व प्रदेश केवल मात्र उन्हीं से चल रहा है जबकि वास्तविक्ता ये है कि ऐसे लोगों को जनता देखना भी  पंसद नहीं करती। उन्होंने कहा कि 17 नवम्बर को पार्टी का पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस कार्यकर्ता सम्मेलन को रैली में तब्दील करने जींद में भारी संख्या में पहुंचेगा।


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