के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे

शुरू होगा के.एम.पी एक्सप्रेस-वे, सुविधाओं का रहेगा इंतजार

सोनीपत, सरकार का बहुप्रतीक्षित ड्रीम प्रोजेक्ट कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे) बनकर तैयार है। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेस-वे वाहनों को दौड़ाने के लिए तैयार है, लेकिन करीब 136 किलोमीटर लंबे के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने के अलावा लोगों को जनसुविधाओं के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल, के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे पर घोषणा के अनुसार हर 25 किलोमीटर पर शौचालय का निर्माण शुरू नहीं हुआ है।


इसके अलावा इस पर अभी कहीं भी खाने-पीने की भी मुकम्मल सुविधा नहीं है। पेट्रोल पंप के लिए तो अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों को इंधन व खाने-पीने की भी व्यवस्था जांच करके ही आगे बढ़ना होगा। हालांकि, केएमपी को बनाने वाली कंपनी एचआइआइडीसी के सीनियर मैनेजर ने बताया कि फिलहाल सभी टोल प्लाजा पर शौचालय व पानी की व्यवस्था की जा रही है, जो उद्घाटन तक चालू हो जाएंगे।



सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिताएं


हाईवे पर पेट्रोल पंप के लिए भी प्रोसेस चल रहा है, लेकिन इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिताएं।केएमपी एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के इंतजाम भी काफी अहम होंगे। यहां पुलिस की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों से लूटपाट जैसी वारदातें बढ़ सकती हैं। क्योंकि करीब छह महीने पहले शुरू हुए केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) एक्सप्रेस-वे पर भी सुरक्षा काफी अहम मुद्दा है। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद कई वारदातें हो चुकी हैं। यही नहीं चोरों ने तो एक्सप्रेस-वे को रौशन करने के लिए लगाए गए उपकरण भी कई जगहों से चोरी कर लिए थे। मूर्तियों को दिया जा रहा हैं अंतिम रूप।केएमपी एक्सप्रेस-वे पर हर 10 किलोमीटर में हरियाणवी संस्कृति व धरोहरों की झलक दिखाते हुए 21 मूर्तियां लगाई जाएंगी।



मूर्तियों का कार्य पूर्ण


ये मूर्तियां बनकर लगभग तैयार हो चुकी हैं और इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन मूर्तियों को योगा, श्रीमद्भागवत गीता एवं राज्य की कला संस्कृति से जोड़कर बनाया गया है, ताकि यहां से गुजरने वालों को प्रदेश की उन्नत संस्कृति और सभ्यता से रूबरू कराया जा सके। मूर्तिकार हृदय कौशल ने बताया हैं कि मूर्तियों का कार्य पूर्ण हो चुका हैं। उन्हें बस फाइनल टच दिया जा रहा है, जो 18 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

केएमपी एक नजर में-करीब 136 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर 1863 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पर चार रेलवे ओवरब्रिज, बड़े और छोटे 38 पुल, नौ मल्टी स्पैन अंडरपास, 27 अंडर पास और खेतों के लिए जाने के 33 रास्तों पर अंडरपास बनाए गए हैं। इसी तरह पशुओं के लिए 31 अंडरपास, पैदल जाने के लिए 61 अंडर पास और ट्रक पार्किंग के लिए दो स्थल बनाए गए हैं।


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