डा. कमल किशोर

चुल्हा जलाने से महिलाए व लड़किया सीओपीडी से हो रही है प्रभावित- डा. कमल किशोर

(इंडिया की दहाड़)  हिसार। हिसार के माडल टाऊन स्थित गीताजली अस्पताल में सीओपीडी डे के उपलक्ष्य में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान गीताजलि अस्पताल के सीनियर डाक्टर डा. कमल किशोर ने मरीजो को सीओपीडी से बचने के बारे में जानकारियां दी। इस दौरान अस्पताल में मरीजों का चैकप भी किया गया।


डा. कमल किशोर ने बताया कि सीओपीडी में सांस में रुकावट आ जाती है सांस लेने में कठिनाई होती है। फेफडे फूलने लगते है और खांसी बढ जाती है। इसलिए समय पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवाईयों का  इस्तेमाल करे और खास कर इन्हेलर का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर चुल्हा जलाने से पर महिलाए व लडकिया ज्यादा प्रभाति होती है इस्ड्रीज में काम करने वाले लोग प्रभाति होते है इसलिए पर्यावरण प्रदूषण से बचाना चाहिए।


सीओपीडी बीमारी से बचाने के लिए धुम्रपान के इस्तेमाल न करे, पर्यावरण प्रदूषण से बचे, खान पान में ध्यान रखे, फेफडे संबंधी व्यायाम करे दवाईयों में इन्हेलर का इस्तेमाल करे। उन्होने बताया 50 वर्ष से अधिक आयु में भारतीय में मौत का दूसरा कारण बन चुका है 50 प्रतिशत मौते बायोगेस के धुएं के कारण होती है।


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