भारतीय सेना

आतंकियों का सफाया करने में जुटी भारतीय सेना के लिए नवंबर को महीना काफी अहम

मुख्य आतंकियों के ठिकानों के बारे  में भी मिल रही पक्की जानकारी


जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का सफाया करने में जुटी भारतीय सेना के लिए नवंबर को महीना काफी अहम रहा है। इस महीने जवानों ने अभी तक 32 आतंकियों को ढेर करने में सफलता हासिल कर ली है। बताया जा रहा है कि इस बार सेना को आतंकियों के खिलाफ जो भी जानकारी मिल रही है वो एकदम पुख्ता थी। सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों की मानें तो पिछले कुछ समय से सेना को मिलने वाली खुफिया जानाकारी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि पहले सेना को जो इनपुट्स मिलते थे वो छोटे आतंकियों के खिलाफ होते थे, लेकिन अब घाटी में छिपे बैठे मुख्य आतंकियों के ठिकानों के बार में भी पक्की जानकारी मिल रही है।


दरअसल, सुरक्षा बलों को मिल रही इस सफलता में कश्मीर के आम लोंगों का अहम योगदान है। सेना से जुड़े सूत्रोें के हवाले से बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग अब आतंकियों के बारे में पता चलने पर सुरक्षा एजेंसियों को सूचित कर रहे हैं।


लोगों में भी आतंकियों खिलाफ गुस्सा


इस बदलाव की एक बड़ी वजह यह है कि जबसे आतंकियों ने लोकल लोगों को निशाना बनाना और डराना शुरू किया है तबसे लोगों में भी उनके खिलाफ गुस्सा दिखने लगा है। अब वह आतंकियों के डर से बाहर निकलकर उनके सरगनाओं के बारे में भी जानकारी मिलने पर इसे सिक्यॉरिटी एजेंसियों के साथ साझा कर रहे हैं। दूसके शब्दों में कहा जाए तो आतंकियों की अपनी चाल ही उनके खिलाफ हथियार बन गई है। स्थानीय लोगों में अपना खौफ बढ़ाने के मकसद से आतंकियों के हाल ही के समय में स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों को जमकर निशाना बनाया है। आतंकियों की इस हरकत से डरने की बजाय स्थानीय लोगों ने सेना का साथ देना शुरु कर दिया है। इस महीने मारे गए 32 आतंकी इसका एक सबूत भी हैं।


लोग खुलकर कर रहे जानकारी साझा


बताया जा रहा है कि पहले जो जानकारी मिलती थी, उनमें ज्यादातर इस तरह की होती थी कि कुछ आतंकी हमले की फिराक में हैं, लेकिन कुछ समय से आतंक के सरगनाओं के खिलाफ भी पुख्ता जानकारी मिल रही है। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, जिस तरह से आतंकी अब आईएसआई की तरह लोगों को मारकर उसका विडियो प्रसारित कर रहे हैं, उससे उनकी व्याकुलता दिख रही है। अधिकारी का कहना है कि अगर लोग आतंकियों को सपोर्ट कर रहे होते तो हमारे पास इतना इंटेलिजिंस इनपुट नहीं आ रहा होता। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने जिस तरह छुट्टी पर जा रहे फौजियों या एसपीओ को निशाना बनाना शुरू किया है और उसके बाद उनके बारे में लोग खुलकर जानकारी साझा कर रहे हैं।


गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने इस महीने अभी तक 32 आतंकियों का सफाया किया है। अक्टूबर में 28, सितंबर में 29, अगस्त में 28 और जुलाई में 11 आतंकी मार गिराए। इस साल अब तक 226 आतंकी मारे गए हैं। पिछले साल 213 आतंकियों का और 2016 में 141 आतंकियों का सफाया किया था।


 

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