आंबेडकर द्वारा रचित संविधान दुनिया का सर्वोत्तम संविधान है-अजीत दाहिमा

हिसार, वरिष्ठ कांग्रेसी अजीत अजीत दाहिमा ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपने जीवन में उतारना और उनकी शिक्षाओं पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्घांजलि होगी। उन्होंने कि आज डॉ. बीआर अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस है और सभी बाबा साहेब अंबेडकर के बताए रास्तों पर चलने की शपत लेनी चाहिए । डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अथक परिश्रम से भारत का संविधान तैयार करने में जो भूमिका निभाई वह अद्भुत है।
उनके बनाए संविधान के कारण भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है जबकि हमारे कई पड़ोसी देशों के लोकतंत्र की स्थिति बहुत दयनीय है। भारत के संविधान निर्माण के दौरान डॉ. अंबेडकर ने दूरगामी व दूरदर्शी सोच के साथ सभी वर्गों को समाहित करने का काम किया।  उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान में गरीबों व पिछड़ों को जो अधिकार प्रदान किए उन्हीं के कारण आज हम वर्तमान स्थिति में पहुंचे हैं। संविधान के कारण समाज के कमजोर तबके की स्थिति में उत्तरोतर सुधार हो रहा है। डॉ. बीआर अंबेडकर के संदेश को आज जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। हम सबको जाति-पाति और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को लाभ पहुंचाने की सोच विकसित करनी होगी।
हम सबको अपने व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के सामूहिक लाभ और गरीब तबके के उत्थान की दिशा में सहयोग करना चाहिए। काग्रेसी नेता अजीत दाहिमा ने बताया कि बयान में कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर का दर्शन किसी क्षेत्र या समय सीमा में बंधा नहीं है। हरियाणा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अशोक तवंर के काफी नजदीकी नेता अजीत दाहिमा ने कहा कि यह सामाजिक समानता और उत्थान की प्रेरणा देने वाला शाश्वत सत्य है जिसने लाखों लोगों को सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिया। आंबेडकर द्वारा रचित संविधान दुनिया का सर्वोत्तम संविधान है।
इससे समाज के प्रत्येक वर्ग व जाति के हितों का संरक्षण हुआ है। और समाज को ज्योति दिखाकर विकास और शिक्षा के मार्ग पर ले जाने वाला यह सिद्धांत लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए। हमको इसको अगली पीढ़ी को सौंपना होगा। जिसके आधार पर यह लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा और संगठन के आंबेडकर मंत्र पर लगातार काम करना होगा।
इसमें जरा भी लापरवाही हुई तो समाज का एक तबका विकास और समानता के मार्ग से भटक  जाएगा। बाबा साहेब जी ने एक बड़ा अच्छा नारा देते हुए कहा था कि संघर्ष करोए शिक्षित बनाए संगठित रहो और कहा आज भारतीय संविधान इतना मजबूत है की पूरी दुनिया इस संविधान की उत्कृष्टता को मानती हैण् यह संविधान ही है जो इतने विभिन्नता वाले देश को मजबूत बनाये हुए है।  डा. भीमराव अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन वंचित और पिछड़ा वर्ग के लोगों के हितों में लगा दिया। उन्होंने सदैव इन वर्गो को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए काम किया।
डा. भीमराव अंबेडकर ने संविधान निर्माता के रूप में सभी को समान अधिकार देने काम किया। उन्होंने पिछड़े व वंचित वर्ग के लोगों को ऊपर उठाने का काम किया। उन्होंने सदैव गरीब, किसान व पिछड़े लोगों की भलाई के बारे में सोचा। अजीत दाहिमा ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने संविधान निर्माता के रूप में सभी को समान अधिकार देने काम किया। उन्होंने पिछड़े व वंचित वर्ग के लोगो को ऊपर उठाने का काम किया।
उन्होंने सदैव गरीब, किसान व पिछड़े लाोगों की भलाई के बारे में सोचा।  डा. भीमराव अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन वंचित और पिछड़ा वर्ग के लोगों के हितों में लगा दिया। उन्होंने सदैव इन वगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए काम किया। आज हम जिस संविधान के कारण खुली में हवा सांस ले पा रहे हैं वह बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की देन है।

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