राजबब्बर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरूवार को पेश किये गये बजट को निराशाजनक बताया

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजबब्बर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरूवार को पेश किये गये बजट को निराशाजनक बताते हुये कहा कि बजट में घोषित प्रस्तावो से विशेषकर गरीब, किसान और नौजवान के लिये कुछ नहीं है। श्री बब्बर ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए महज 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था करना प्रदेश के बेरोजगार युवाओं का उपहास उडाने जैसा है, जबकि पिछले बजट में श्री योगी ने तीन साल में 20 लाख युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने की घोषणा की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की तमाम घोषणाओं के बावजूद किसान अपने गन्ना मूल्य बकाये के भुगतान के लिए लाठियां खाने को मजबूर है, जबकि लागत लगातार बढ़ती जा रही है।

 

किसान बढ़ती लागत और अपने उत्पाद का उचित और समय से मूल्य न पाने के चलते पूरी तरीके से परेशान हाल है। यह बजट इस समस्या के निदान में कोई हल सुझाता नहीं दिखा रहा है। उन्होने कहा कि किसानों की एक सबसे बड़ समस्या आज छुट्टा जानवर (अन्ना पशु) हैं। सरकार ने पिछले बजट की तरह इस बजट में भी 200 करोड़ रूपये की ही घोषणा की है, पर जमीनी हकीकत यह है कि पूरे प्रदेश की एक भी ग्राम पंचायत में इस समस्या के निजात की कोई व्यवस्था नहीं दिखाई पड़ रही है।

 

भाजपा ने चुनाव के समय अपने घोषणा-पत्र में जो वादे किये थे उनको पूरा करना तो दूर घोषणा-पत्र के 50 प्रतिशत से अधिक वादे बजट में भी शामिल नहीं कर पाये, चाहे वह लेपटाप वितरण के वादे की बात हो या अन्नपूर्णा योजना के तहत पांच रूपये में प्रत्येक व्यक्ति को भोजन जैसे तमाम दावे सिर्फ किताबी साबित हुए। दो बजट पेश हो जाने के बाद भी सरकार द्वारा इन पर अमल न करना यह दर्शाता है कि यह सिर्फ बातें और दावे करते हैं लेकिन जमीनी हकीकत भिन्न है।

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