अंग दान के प्रति भारतीयों का जागरूक होना जरूरी :डॉ वहीद

पानीपत (अमित जैन)

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग, दिल्ली यूरोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांटेशन के प्रमुख सलाहकार डॉ.वहीद जमा ने विश्व अंगदान दिवस पर प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए कहा कि अंग दान के प्रति भारतीयों को जागरूक होना चाहिए।

वहीं एक नागरिक के दान में मिले शव सात लोगों की विभिन्न अंग का प्रत्यारोपण कर जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ब्रेन डेड हो चुके लोगों के शरीरों को उनके परिजनों को मानवता के आधार पर दान करना चाहिए।

शालीमार बाग के यूरोलॉजी के सलाहकार डॉ रजत अरोड़ा ने बताया किए ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी सर्जिकल मैनेजमेंट और दाता रखरखाव के क्षेत्र में चिकित्सा प्रगति ने मृतक दाताओं की मदद से महत्वपूर्ण अंगों के प्रत्यारोपण को संभव और प्रभावी बनाया है।

उन्होंने कहा कि कि विदेशी नागरिकों के मुकाबले भारतीय अभी अंग दान के प्रति जागरूक नहीं है,वहीं भारतीयों में पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में अंग दान करने की अधिक क्षमता है,

विशेषकर पीडित की मां व पत्नी। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से मृत हो चुके लोगों के परिजनों को देह दान के प्रति और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है, अधिकतर मानसिक रूप से मृत लोगों की देह से मिलने वाले विभिन्न अंगों से छह से सात लोगों की जान बचाई जा सकती है।

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