उद्योग जगत से जुड़े अधिकारियों व उद्योगपतियों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।

भारत के वस्त्र उद्योग में आधुनिक मशीनों को बढ़ावा देने और उर्जा बचत के उपायों पर उद्योग जगत से जुड़े अधिकारियों व उद्योगपतियों को जागरूक करने के लिए स्थानीय स्काईलार्क पर्यटक स्थल के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की मुख्यअतिथि अतिरिक्त उपायुक्त प्रीति रही। कार्यशाला की अध्यक्षता हरेड़ा के प्रोजैक्ट प्रबंधक सुखचैन ने की।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रीति ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि पानीपत का परिचय टैक्सटाईल नगरी के रूप में संसार के सभी देशों में है और देश-विदेश की कपड़े की मांग को पूरा करने में पानीपत के कपड़ा उद्योगों ने हमेशा ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। विदेशी मुद्रा दिलाने में भारत का टैक्सटाईल क्षेत्र प्रमुख स्थान रखता है। इसलिए इस क्षेत्र के माध्यम से देश का निर्यात बढ़ाने की सभी सम्भावनाएं अभी भी मौजूद है और कपड़ा क्षेत्र पर सरकार गत 5 वर्षो से विशेष ध्यान दे रही है और विश्व उपभोक्ताओं ने भी भारत में बने कपड़ों को अपनाया है जिससे भारत के बने कपड़ों की मांग में भी तेजी आई है। जिससे कपड़ा उद्योग का निर्यात बढक़र लगभग 7 लाख करोड़ रूपये तक पंहुचने की सम्भावना है। ऐसे समय में यदि कपड़ा उद्योग में नई तकनीक व नई मशीनों प्रयोग करके लागत को घटाया जा सकता है और विश्व बाजार की मांग के अनुसार गुणवत्ता युक्त अग्रीरोधी वस्त्र बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोटी-कपड़ा और मकान मनुष्य जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यही नहीं कपड़ा उद्योग में रोजगार सबसे अधिक मिल रहा है और इस क्षेत्र में रोजगार की सम्भावनाएं भी सबसे अधिक   हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कपड़ा उद्योग में सौर उर्जा को बढ़ावा दिया जाए तो इससे इन उद्योगों में निश्चित रूप से लागत में कमी आएगी और पर्यावरण को संरक्षण भी मिल सकेगा। इसलिए समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करके उद्योगपतियों को लागत घटाने, नई तकनीक व सौर उर्जा को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ओर अधिक जागरूक किया जा सकता है। तभी ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीसियेंसी विभाग हरेड़ा और निटरा का यह प्रयास सफल हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदर्श के मद्देनजर भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है। वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जिससे इस क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। इस अवसर पर उद्योगपतियों ने सुझाव दिया कि पानीपत  की टैक्सटाईल पॉलिसी नोटीफाईड होनी चाहिए। बिजली के रेट कम किए जाने चाहिए। पानीपत के उद्योगों से सम्बंधित प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जाएं। उद्योगों को और अधिक अनुदान दिया जाए।
निटरा के अधिकारी विकास शर्मा व निटरा के मार्केट मैनेजर विनीत त्यागी ने कहा कि पानीपत में वस्त्र उद्योगों को सभी सुविधा प्रदान करने के लिए निटरा का प्रशिक्षण केन्द्र हॉली पार्क असंध रोड़ पर स्थापित है जिसमें कपड़े की टैस्टिंग के अलावा अनेक प्रकार के कोर्स शिक्षित नवयुवकों को करवाए जाते हैं जिनमें लैब टैक्नीशियन, कैड डिजाईनिंग, वेविंग टैक्नोलॉजी कोर्स शामिल है। इसके अलावा स्नातक पास नवयुवकों को निटरा के माध्यम से मरचेंटाईजिंग का कोर्स गाजियाबाद में करवाया जाता है। इन सभी कोर्स में कुशल टैक्नीसियन तैयार किए जाते हैं जिन्हें कपड़ा उद्योगों में रोजगार प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठनाई का सामना नही करना पड़ता। आरसी यादव, पीओ राजेश हुडा, पीओ सुभाष नारंग, पीओ जगमाल सिंह और पानीपत निटरा के प्रबंधक जय नारायण ने भी इस कार्यशाला को सम्बोधित किया।

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