सरकारी कामकाज में इस्तेमाल के लिए सरकार ने भेजी प्रशासनिक शब्दावली और क्या दिए निर्देश, पढ़े

चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेश में प्रशासन में हर स्तर पर हिन्दी लागू करने की दिशा में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा हिंदी-पखवाड़े की शुरुआत की गई है। आज से आरम्भ हो रहे हिंदी-पखवाड़े में अकादमी की ओर से कुछ नई योजनाओं की घोषणा की गई है। अकादमी के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकरी देते हुए बताया कि 14 सितम्बर से अकादमी द्वारा सभी विभागाध्यक्षों एवं निगमों को प्रशासनिक शब्दावली भेजी जा रही है ताकि सरकारी कामकाज में सही शब्दों के चयन में सुविधा हो सके । इसी पखवाड़े में आज से ही श्रेष्ठ कृतियों के पुरस्कार विजेताओं को उनकी सम्मान राशि उनके बैंक खातों के माध्यम से भेजी जा रही है और शेष लम्बित कृति पुरस्कारों एवं अनुदानों की घोषणा भी इसी सप्ताह कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि अकादमी की पत्रिका हरिगंधा का नया अंक ‘हिंदी’ की उपलब्धियाँ, उपयोगिता, देन व सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ाव के विषयों पर केन्द्रित है। इसमें विश्वभर से लगभग दो दर्जन लेखकों की भागीदारी है। प्रवक्ता ने बताया कि अकादमी भवन परिसर में हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकारों की एक चित्र-दीर्घा भी आज स्थापित कर दी गई है और इसी सप्ताह में हरियाणा के तीन महान साहित्यकारों संत सूरदास, बाबू बालमुकुन्द गुप्त और पंडित लखमीचंद की धातु-प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि इस पखवाड़े में तीन वेबिनार व एक वर्चुअल कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। बाबू बालमुकुन्द गुप्त की पुण्यतिथि पर इसी सप्ताह में उनकी प्रतिमा का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अकादमी उत्कृष्ट साहित्य के प्रकाशन को भी गतिशीलता देगी और हरियाणा की अन्य अकादमियों के सहयोग से इन प्रकाशनों की बिक्री के लिए एक मोबाइल प्रदर्शनी-वाहन भी चलाया जाएगा।

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