सरकारी क्षेत्र में 20 हजार व निजी क्षेत्र में 25 हजार अप्रेंटिस लगाएगी सरकार

चण्डीगढ़ -हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत लागू की जा रही राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत सरकारी क्षेत्र में 20 हजार और निजी क्षेत्र में 25 हजार अप्रेंटिस लगाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे सभी अप्रेंटिस ऑनलाइन पोर्टल www.apprenticeshipindia.org के माध्यम से लगाए जाएंगे। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास को लेकर काफी संजीदा है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए निजी क्षेत्र में अप्रेंटिस लगाने के लिए जिलावार लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रदेश के सभी 22 जिलों में 31 मार्च 2021 तक 10920 अप्रेंटिस लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य (aim) को हासिल करने के लिए गहन प्रयास किए जाएंगे ताकि इस समयावधि तक राज्य की प्रति एक लाख की आबादी पर 400 अप्रेंटिस लगाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। इस समय प्रति एक लाख की आबादी पर 312 अप्रेंटिस लगाए गए हैं जो देश में सर्वाधिक है। मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि अम्बाला शहर के 4570 एमएसएमई में 385 अप्रेंटिस, भिवानी के 1749 एमएसएमई में 210, फतेहाबाद स्थित भोडिया खेड़ा के 1019 एमएसएमई में 210, चरखी दादरी स्थित रावलधी के 500 एमएसएमई में 210, फरीदाबाद के 17243 एमएसएमई में 2450, गुरुग्राम के 9436 एमएसएमई में 2100, हिसार के 2157 एमएसएमई में 280, झज्जर स्थित गुढ़ा के 3061 एमएसएमई में 700 अप्रेंटिस लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि इसी तरह, जिला जींद के 1766 एमएसएमई में 210, कैथल के 1341 एमएसएमई में 210, करनाल के 1587 एमएसएमई में 280, कुरुक्षेत्र 1555 एमएसएमई में 210, महेंद्रगढ़ के 819 एमएसएमई में 210, मेवात के 278 एमएसएमई में 210, पलवल के 1049 एमएसएमई में 280, पंचकूला के 2017 एमएसएमई में 210, पानीपत के 6041 एमएसएमई में 385, रेवाड़ी के 1488 एमएसएमई में 700, रोहतक के 2489 एमएसएमई में 280, सिरसा के 1485 एमएसएमई में 210, सोनीपत के 3692 एमएसएमई में 700 और जिला यमुनानगर के 3891 एमएसएमई में 280 अप्रेंटिस लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में निजी प्रतिष्ठानों की कम संख्या के चलते अप्रेंटिस लगाने की संभावना कम है, ऐसे जिलों के सहायक अप्रेंटिसशिप सलाहकार (एएए) और उनकी टीम यह प्रयास करेगी कि उनके उम्मीदवारों का चयन उद्योगों की अधिकता वाले अन्य जिलों में स्थित निजी प्रतिष्ठनों में हो जाए। इस तरह हासिल किए गए लक्ष्य को उनकी प्रगति में गिना जाएगा। ऐसे सहायक अप्रेंटिसशिप सलाहकार और उनका स्टाफ संबंधित जिले के अप्रेंटिस बॉन्ड स्वीकृत करने के आग्रह के साथ, सहायक अप्रेंटिसशिप सलाहकार को प्रशिक्षुओं की सूची भेजकर अवगत करवाएंगे कि उनके क्षेत्र में अप्रेंटिस उनकी जिला टीम के प्रयासों के चलते लगाए गए हैं।

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