3 नवंबर को होगा बरोदा उपचुनाव, भारतीय चुनाव आयोग ने तारीखों का किया ऐलान

बरोदा उपचुनाव को लेकर जो इंतजार था वो अब खत्म हो गया है। Election Commission of India की तरफ से उपचुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। बरोदा उपचुनाव 3 नवंबर को होगा।

दरअसल, कोरोना काल के चलते देश भर में 64 विधानसभाओं व एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव due है और इसके चलते उपचुनाव की तारीखे खीसक गई थी। आज उप चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बैठक की, जिसमें चुनावों को लेकर फैसला लिया गया। अब सभी को बिहार चुनाव और हरियाणा में बरोदा चुनाव को लेकर राजनीति गलियारे में हलचल तेज हो गई।

बरोदा उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस रखी है। प्रदेश की हर पार्टी बरोदा उपचुनाव में अपनी-अपनी ताकत दिखाना चाहती है। इसी के चलते कोरोना काल के बीच भी दीपेंद्र हुड्डा, जेपी दलाल, संजय भाटिया, रणदीप सुरजेवाला, कमलेश ढांडा, अभय चौटाला, दिग्विजय चौटाला, रमेश कौशिक सहित कई राजनेताओं ने दौरा कर लोगों से वोटों की अपील भी की। जहां, बरोदा सीट के लिए बीजेपी-जेजेपी ने साथ में लड़ने का ऐलान किया था, तो कांग्रेस ने भी अपनी ताकत पूरे तरीके से दिखाने की ठान ली है। कांग्रेस का दावा है कि चुनाव तो वही जीतेगी।

बता दें कि हरियाणा बनने के बाद जाट बाहुल बरोदा विधानसभा क्षेत्र में कभी उपचुनाव नहीं हुआ। विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन हो जाने के बाद पहली बार बरोदा हलका के मतदाता उपचुनाव का सामना करेंगे।

बरोदा विधानसभा क्षेत्र भूपेंद्र हुड्डा के प्रभाव वाला हलका है। इसलिए श्रीकृष्ण हुड्डा हल्के से लगातार 3 बार विधायक बनें। 2014 में प्रदेश में मोदी लहर थी। इस लहर में प्रदेश में कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेता हार गए थे, लेकिन इस लहर में भी श्रीकृष्ण चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उनके निधन के बाद बरोदा हलके पर उपचुनाव होना तय है। गौरतलब है कि गोहाना विधानसभा चुनाव में भी उपचुनाव हो चुका है। परंतु बरोदा ऐसा हलका रहा है, जहां से एक बार विधायक बना, वह अगले पांच साल तक रहा। आम चुनाव में ही मतदाताओं ने विधायक बदला।

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