अब दिवाली पर तेल या बिजली से नहीं, सोलर पैनल से तैयार दीयों से जगमग होगा घर

सोनीपत-12 नवंबर (इंडिया की दहाड़ ब्यूरो)  दीपों के पर्व दीपावली के अब कुछ ही दिन शेष है। दिवाली को धूमधाम से मनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रहा है, वहीं बाजारों में भी रौनक छाई हुई है। एक तरफ जहां दिवाली के त्योहार की खुशियां हैं, वहीं दूसरी तरफ इस त्योहार पर बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। जिसे देखते हुए डीआईटीएम गन्नौर के प्रवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने ईको फ्रेंडली दीये तैयार किए है। इस दीये को तैयार करने के पीछे प्रो. श्रीवास्तव का उद्देश्य बढ़ते प्रदूषण को कम करना है। शहर के मॉडल टाउन निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव गन्नौर स्थित डीआईटीएम (दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी एंड मैनेजमेंट) में बतौर एसिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं। वे कहते हैं कि इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण हर वर्ग प्रभावित है। दीपों के पर्व पर हर व्यक्ति अपने घरों को सजाने के लिए लड़ियों का प्रयोग करता है, वहीं दीपावली पर घरों में दीये या मोमबत्तियां जलाई जाती हैं। इनसे जहां बिजली की खपत होती है, वहीं धुएं से वातावरण पर भी प्रभाव पड़ता है। जिसे देखते हुए उन्होंने अपने 12 वर्षीय बेटे पार्थ के साथ मिलकर सोलर पैनल से चलने वाले दीयों को निर्मित किया है। इन दीयों के निर्माण के पीछे का उद्देश्य बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाना है, ताकि हमारी आने वाली पीडि़यां स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकें। उन्होंने इस दीये को ‘ईको फ्रेंडली दीया’ नाम दिया है।

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