हरियाणा सरकार की पहल पर एसडी पीजी कॉलेज में ट्रेफिक इंटरप्रिटेशन सेंटर का आगाज    

ट्रेफिक सिगनलस को रंगोली के माध्यम से उकेर कर सारिका ने जीता प्रथम स्थान 

 

एसडी पीजी कॉलेज में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय भारत सरकार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय भारत सरकार

के निर्देश पर सड़क सुरक्षा विषय पर विविध कार्यक्रमो का आयोजन किया गया जिसका विषय रहा ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’.

इस अवसर पर उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार की पहल पर कॉलेज में ट्रेफिक इंटरप्रिटेशन

सेंटर का उदघाटन एवं आगाज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया जिसके माध्यम से कॉलेज के

विद्याथियों को ट्रेफिक के नियमों और कायदे-कानूनों को लेकर नियमित जानकारी और मदद दी जायेगी.

कॉलेज में स्थापित ट्रेफिक इंटरप्रिटेशन सेंटर की नोडल अधिकारी डॉ मोनिका खुराना को नियुक्त किया गया है.

विदित रहे की भारत सरकार की पहल पर 18 जनवरी से 17 फरवरी तक के एक महीने को सड़क सुरक्षा माह

के रूप में मनाया जा रहा है जिसका उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को सड़क दुर्घटनाओं से बचाना है

ताकि देश की युवा शक्ति का यूँ ही नुकसान देश को न हो. इस अवसर पर ट्रेफिक चिन्हों के

बैनर उठाये छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रांगण में रैली निकाली और अपने युवा सहपाठियों

को ट्रेफिक के नियमों को मानने हेतू प्रेरित किया. कार्यक्रम में               

  छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा की शपथ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दिलाई.

उनके साथ डॉ मोनिका खुराना, डॉ संतोष कुमारी, डॉ दीपा वर्मा, एनएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग, प्रो भारती और डॉ एसके वर्मा भी उपस्थित रहे.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा की कहा कि नियम तोड़ कर जुर्माना भरना बेशक अस्सं लगता है

लेकिन यदि हमारी लापरवाही से हमारी जान चली जाए तो उस क्षति को कोई भी पूरा नहीं कर सकता है.

ट्रैफिक के नियमों का पालन करके हम हर तरह के जुर्माने से बच भी सकते है और साथ ही

अपना जीवन भी सुरक्षित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में सरकार ने जुर्माने

की राशि को बढाकर सिर्फ इस धारणा को पुख्ता किया है कि मानव जीवन अनमोल है

और उसकी सुरक्षा के लिए जुर्माने की राशि को बढ़ाना बहुत जरुरी है.

इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ मुकेश पुनिया, डॉ पवन कुमार, दीपक मित्तल भी उपस्थित रहे.

 

 

 

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