14 फरवरी को किसान महापंचायत में कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे किसान

भारतीय किसान यूनियन की किसान महापंचायत इन्द्री में 14 फरवरी को होगी।

इस महापंचायत को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव

युद्धवीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी

सहित संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता संबोधित करेंगे। इस महापंचायत

में भारी संख्या में किसान बढ़ चढक़र भाग लेंगे।

यह बात आज भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने

घरौंडा में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कही।

किसान पंचायत में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

किसानों ने तीन कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए वापिस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि देशभर के किसानों में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों

को लेकर गहरा रोष है। किसान इन तीनों काले कानूनों को किसी भी कीमत पर

बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कानून किसानों के हितों में नहीं है। यदि सरकार सच में किसानों

का भला चाहती है तो इन काले कानूनों को तत्काल प्रभाव से रद्द करे।

जब तक सरकार इन कानूनों को वापिस नहीं लेती देश का प्रत्येक किसान

तब तक आंदोलन करेगा। किसान न तो रूकने वाला है और ना ही थकने वाला है।

सरकार को अपनी हठधर्मिता छोडक़र किसानों के बारे में सोचना चाहिए।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र धुम्मन ने कहा कि 14 फरवरी

को इंद्री में होने वाली किसान महापंचायत सरकार की आंख और कान खोलने

का काम करेगी। बड़ी संख्या में किसान महापंचायत में पहुंचकर सरकार के

खिलाफ अपना रोष जाहिर करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का यह आंदोलन

किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में दिन प्रतिदिन मजबूती पकड़ता जा रहा है।

सरकार जन भावनाओं को जिस तरह से अनदेखा कर रही है उससे यह

साबित होता है कि यह सरकार कभी देश का भला नहीं कर सकती।

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