कमजोर वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों व छोटे दुकानदारों के साथ-साथ किसानों के लिए प्रीमियम भरेगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने परिवार समृद्धि योजना के तहत वीडियो कांफ्रेंस करते हुए कहा:
जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत डीसी सुशील सारवान ने लाभार्थियों को वितरित किए प्रतिपूर्ति पत्र: मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत हरियाणा के सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, किसान, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों व छोटे दुकानदारों के लिए विभिन्न बीमा योजना तथा पैंशन योजना का प्रीमियम राज्य सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सोमवार को राज्य के उपायुक्तों के साथ इस सम्बंध में वीडियो कांफ्रेंस की और मुख्यमंत्री ने राज्य के 3 लाख 14 हजार लाभार्थियों के खाते में 5.50 करोड़ रूपये की प्रीमियम राशि भी ट्रांसफर की। वीडियो कांफ्रेंस के बाद उपायुक्त सुशील सारवान ने जिला में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना के 143 व प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के 41 लाभार्थियों को प्रतिपूर्ति पत्र सौंपे।
डीसी सुशील सारवान ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि इस योजना के दायरे में आने वाला प्रत्येक परिवार 6 हजार रूपये प्रति वर्ष के लाभ के लिए पात्र होगा। इस पैसे का उपयोग पैंशन और बीमा के लिए केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के लिए लाभार्थी के हिस्से के भुगतान के लिए किया जाएगा। लाभार्थियों को अपना पंजीकरण करवाकर पहला प्रीमियम खुद भरना होगा तथा इसके बाद का प्रीमियम हर वर्ष राज्य सरकार भरेगी। यही नही लाभार्थी द्वारा भरे गए पहले प्रीमियम की राशि भी वापिस लाभार्थी के खाते में सरकार द्वारा जमा करवा दी जाएगी यानि सरकार द्वारा पूर्ण प्रीमियम वहन किया जाएगा, ऐसे में अधिक से अधिक लाभार्थियों को अपने आप को मुख्यमंत्री समृद्धि योजना के लिए पंजीकृत करवाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त शेष राशि को किसान अपनी फसल बीमा योजना के प्रीमियम में भी उपयोग कर सकता है। इस मौके पर एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम धीरज चहल, सीटीएम राजेश सोनी, एएलसी पवन कुमार, एलडीएम कमल गिरिधर, डीआईओ मुकेश चावला, एडीआईओ संजय कुमार इत्यादि सहित विभिन्न अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

धुंध व कोहरे के मौसम में आमजन बरते अतिरिक्त सावधानी – डी.सी.
पानीपत, 31 जनवरी। जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने सर्दी के मौसम में धुंध व कोहरे के दृष्टिगत आमजन से वाहन चलाते समय सडक़ सुरक्षा के नियमों की पालना करते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने का आह्वान किया है। डी. सी . ने कहा कि धुंध व कोहरे के मौसम में विजिबिलिटी कम हो जाती है जिससे हर समय हादसा होने का अंदेशा रहता है। उन्होंने आमजन को धुंध के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस दौरान अति जरूरी हो तो ही यात्रा करें तथा ड्राइविंग से पहले मौसम के पूर्वानुमान की निगरानी करने के बाद ही गंतव्य के लिए प्रस्थान करें । उन्होंने कहा कि धुंध में एहतियाती उपायों से आप स्वयं ही नहीं बल्कि दूसरे को भी सुरक्षित रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि जितना अधिक लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सावधानी से वाहन चलाएंगे, उतना ही सफर सुगम और सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को आगे जाने वाले वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और फॉग लाइट्स व इंडीकेटर्स को लगातार ऑन रखना चाहिए। इसके साथ – साथ लो बीम पर हैड लाइट्स के साथ ड्राइव करें, क्योंकि हाई बीम धुंध व कोहरे में बैंक रिफ्लक्ट कर विजिबिलिटी को बाधित करती है। ऐसी स्थिति में वाहन चालक सडक़ पर पेंट की गई लाइन को गाइड के रूप में उपयोग करते हुए वाहन चलाएं।

उर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिए जा रहे पुरस्कार :- उपायुक्त
पानीपत, 31 जनवरी। जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया है कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने तथा बिजली खपत को कम करने के उद्देश्य से वर्ष 2020-21 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। राज्य स्तरीय पुरुस्कार के तौर पर 2 लाख रुपए तक के पुरुस्कार दिये जायेंगे। इच्छुक लाभार्थी 10 फरवरी 2022 तक अपने आवेदन जमा करवाएं।
उपायुक्त ने बताया कि बिजली के नए-नए उपकरण के अस्तित्व में आने के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बिजली बनाने के परम्परागत स्त्रोत भी उसी तेजी से घटते जा रहे है। ऐसे में उर्जा संरक्षण के लिए सौर उर्जा का उपयोग ही उर्जा संरक्षण का साधन है। सरकार द्वारा उर्जा संरक्षण को बढावा देने के लिए राज्य स्तरीय पुरुस्कार प्रदान किये जायेंगे। सरकार के निर्णय के अनुसार बड़े औद्योगिक व व्यवसायिक संस्थानों (एक मैगावाट से अधिक लोड के उपभोक्ता को) पुरस्कार राशि के तौर पर सरकार द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, पंजीकृत एम.एस.एम.ई औद्योगिक संस्थान (बड़े औद्योगिक व छोट औद्योगिक) जिनका कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट से 500 किलोवाट तक है, उन्हें प्रथम पुरस्कार के तौर पर 50 हजार रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड सहित व द्वितीय पुरस्कार के तौर पर 25 हजार रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा जिनका कनेक्टेड लोड 500 किलोवाट से एक मेगावाट तक है, उन्हें प्रथम पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड व द्वितीय पुरस्कार के तौर पर 50 हजार रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा जिनका कनेक्टेड लोड एक मेगावाट या इससे अधिक है, उन्हें प्रथम पुरस्कार के तौर पर 2 लाख रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड व द्वितीय पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उर्जा सरक्षंण , अक्षय उर्जा व उर्जा की बचत हेतु नई तकनीक व अविष्कारों में प्रथम पुरस्कार के तौर पर 2 लाख रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्डव द्वितीय पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपए , प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड सहित दी जाऐगी। सर्वश्रेष्ठ उर्जा लेखा परीक्षा / ग्रीन बिल्डिंग / ईसीबीसी कार्यान्वयन फर्म / एजैंसियों में प्रथम व द्वितीया स्थान प्राप्त करने पर प्रशस्ति पत्र के साथ शील्ड दी जाऐगी।

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