एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने एनएसएस में श्रेष्ठ कॉलेज की ओवर आल ट्राफी पर किया कब्ज़ा

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में आयोजित कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र
एनएसएस प्रकोष्ठ के सौजन्य से और उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के
प्रायोजन से 23 से 29 मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय यूनिवर्सिटी स्तर
एनएसएस कैंप का रंगारंग एवं विधिवत समापन हो गया. समापन समारोह के मुख्य
अतिथि बलराम नंदवानी अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष स्वदेशी जागरण मंच एवं
कोषाध्यक्ष स्वावलंबी न्यास हरियाणा रहे.

अति विशिष्ट मेहमान डॉ दिनेश राणा प्रोग्राम समन्वयक एनएसएस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र रहे जिनके कर-कमलों से इस कैंप में भाग लेने वाले सर्वश्रेष्ठ कालेजों, एनएसएस कार्यकर्ताओं और अधिकारीयों को ट्राफी, मुमेंटो और सर्टिफिकेट्स से सम्मानित किया गया. माननीय मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने पौधे रोपित गमले भेंट कर किया.

कैंप में ओवर आल उत्कृष्ठ प्रदर्शन के आधार पर एनएसएस में श्रेष्ठ कॉलेज की ट्राफी एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के हिस्से आई. प्रथम रनर-अप की ट्राफी राजकीय महाविधालय बहरामपुर बापौली ने और दूसरे रनर-अप की ट्राफी आरकेएसडी
कॉलेज कैथल ने जीती. कैंप के सर्वश्रेष्ठ एनएसएस कार्यकर्त्ता दयाल सिंह कॉलेज
करनाल की तनू, यूनिवर्सिटी टीचिंग विभाग केयूके के दीपक यादव और एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दीपक सिंह रहे. कैंप में बेस्ट फोटोग्राफर एसडी पीजी कॉलेज के
सूरज और बेस्ट कल्चरल स्टार गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर के ऋषभ,
एसडी पीजी कॉलेज की ख़ुशी और साहिल रहे.

अंतिम दिन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे एसडी पीजी
कॉलेज पानीपत के दीपक सिंह और सौरभ की जोड़ी ने पहला, राजकीय महाविधालय
बहरामपुर बापौली के दानिस्ता और आशीष ने दूसरा और आरकेएसडी कॉलेज कैथल
के विजय कुमार और रेणु ने तीसरा स्थान हासिल किया. सभी विजेता टीमों को
मुमेंटो और सर्टिफिकेट्स दिए गए. प्रो दीपक अरोड़ा मदान ने सात दिन चलने वाले
कैंप की विस्तृत रिपोर्ट पढ़कर सुनाई. ट्रेफिक जागरूकता हेतू नुक्कड़ नाटक का मंचन
किया गया. सांस्कृतिक गतिविधियों से लबरेज समापन समारोह में सभी एनएसएस
कार्यकर्ता आज जुदा होने के पल से भावुक नज़र आये. उन्होनें इस कैंप के आयोजन
को बहुत ही प्रासंगिक, ज्ञानवर्धक और लाभ देने वाला बताया.

बलराम नंदवानी राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष स्वदेशी जागरण मंच ने कहा की आज के
युवा को सरकारी नौकरी मांगने के बजाय स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनकर नौकरी
देने वाला बनना चाहिए. कई उदाहरण देते हुए उन्होनें कहा की कितने ही उद्यौगपति
उद्यमी और व्यवसायी हमारे सामने है जिन्होनें साधारण सा कार्य शुरू किया और
आज वे सैकड़ों-हजारो लोगों को रोजगार देते है. देश में आबादी के हिसाब से सरकारी
नौकरियां नहीं है और ऐसे में हर पढ़े-लिखे युवा को चाहिए की वह नौकरी के अन्य
विकल्पों की तरफ भी ध्यान दे और उनके अनुसार भी स्वयं को तैयार करे.

यदि व्यक्ति खुद का रोजगार अपनाता है फिर वह स्वतंत्र होकर काम करता है और इससे
उस व्यक्ति की उत्पादक क्षमता बढ जाती है. स्वरोजगार अपनाने से हम कार्य के
साथ-साथ अपने घर को भी समय डे सकते है. इससे न सिर्फ आजीविका का एक माध्यम तैयार होता है बल्कि हम दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते है. बढती हुई बेरोजगारी को रोकने के लिए आज नहीं तो कल हमें नौकरियों के विकल्प ढूंढने ही होंगे.

डॉ दिनेश राणा प्रोग्राम समन्वयक एनएसएस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र ने
स्वयंसेवियों से शिविर में सिखाई जाने वाली बातों को मनोयोग से ग्रहण करने को कहा. उन्होनें कहा कि समाज को सही दिशा दिखाने तथा बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए लोगों को जागरुक करने में स्वयंसेवियों की सबसे अहम भूमिका है. शिविर से प्राप्त जानकारी का लाभ उठाकर अब वे समाज हित में कार्य आसानी के साथ कर सकते है. राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र-छात्राओं को सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरित कर समाज सेवा का अवसर प्रदान करती है और उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं भविष्य में उन्हें कर्त्तव्यनिष्ठ, संवेदनशील तथा उपयोगी नागरिक के रूप में संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

राष्ट्रीय सेवा योजना से प्राप्त प्रमाण पत्र स्वयं सेवकों के अच्छे भविष्य के निर्माण में
सहायक हैं. राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्धेश्य विद्यार्थिओं की सामाजिक चेतना को
जागृत करना और उन्हें विशेष अवसर उपलब्ध करवाना है ताकि वे आगे चल कर
लोगों के साथ मिलकर कार्य कर सके. एनएसएस जन सेवा करने का सशक्त माध्यम है. इस एनएसएस शिविर से युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्व का अवश्य बोध हुआ होगा जिसे वे आगे चलकर समाज हित में कार्य करने में प्रयोग कर पायेंगे. इस कैंप में भाग लेने वाला एक-एक एनएसएस कार्यकर्त्ता बधाई का पात्र और भाग्यशाली है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना
(एनएसएस) के माध्यम से इस कैंप में सेवा करके जो प्रमाण पत्र उन्हें मिला है वह
विश्वविद्यालय और अन्य महाविधालयो में प्रवेश लेते समय उनके बहुत काम आएगा.
इसके अलावा भी एनएसएस  व्यक्ति और समुदाय की समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने में उनकी मदद करेगा. सामूहिक जीवन और जिम्मेदारियों के लिए
आवश्यक क्षमता का विकास भी एनएसएस से होता है. सात दिवसीय कैंप को पूर्ण
करके एनएसएस कार्यकर्ता अपने व्यक्तित्व में खुद बदलाव महसूस कर रहे होंगे,

इसका उन्हें पूरा भरोसा है. अलग-अलग कालेजों के छात्र-छात्राओं के साथ सात दिन
बिताने का यह विलक्षण अनुभव जीवन में कम ही विद्यार्थियों को मिलता है.
पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने कहा कि एनएसएस से विद्यार्थियों
को समाज सेवा करने की प्रेरणा और हौंसला मिलता है और साथ ही छात्र-छात्राओं में
बहुमुखी प्रतिभा का विकास होता है. विद्यार्थी जीवन में हर छात्र को एनएसएस में
शामिल होना चाहिए या किसी न किसी रूप में इससे जुड़ना चाहिए. सामुदायिक सेवा
के माध्यम से ही छात्रों के व्यक्तित्व का विकास होता है जो इस कैंप के आयोजन से
सफलता के साथ संभव हुआ है.

डॉ राकेश गर्ग एनएसएस अधिकारी ने कहा कि इस कैंप के सफल आयोजन ने
उन्हें अब इंटर-यूनिवर्सिटी एनएसएस कैंप को आयोजित करने के लिए प्रेरित किया है.
इस कैंप में 24 महाविधालयों के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने दिन-रात कड़ी मेहनत
की है जिससे उन्हें हौंसला मिला है कि देश का भविष्य इन युवाओं के हाथों में
सुरक्षित है. उन्होनें कैंप को सफल बनाने के लिए कैंप से जुड़े हर व्यक्ति का आभार
प्रकट किया और प्रो. अन्नू आहूजा, डॉ एसके वर्मा, श्री दीपक मित्तल और श्री शशि
मोहन गुप्ता को शालभेंट कर उनका मान बढाया. इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ
एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल मौजूद रहे

 

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