2018 में विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत हुई: नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री ने कहा कि 2018 को भारत एक देश के रूप में, अपनी एक सौ तीस करोड़ की जनता के सामर्थ्य के रूप में कैसे याद रखेगा… याद करना भी महत्वपूर्ण है

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2018 में अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए रविवार को कहा कि नकारात्मता फैलाना काफी आसान होता है लेकिन अगर संकल्प में सामर्थ्य है, हौसले बुलंद हैं तो रुकावटें खुद ही रुक जाती हैं और कठिनाइयाँ कभी रुकावट नहीं बन सकती हैं। आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ के 51वें और 2018 के अंतिम संस्करण में प्रधानमंत्री ने कहा कि 2018 को भारत एक देश के रूप में, अपनी एक सौ तीस करोड़ की जनता के सामर्थ्य के रूप में कैसे याद रखेगा… याद करना भी महत्वपूर्ण है। हम सब को गौरव से भर देने वाला है।

 

मोदी ने कहा कि 2018 में विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत हुई। देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई। विश्व की गणमान्य संस्थाओं ने माना है कि भारत रिकॉर्ड गति के साथ, देश को गरीबी से मुक्ति दिला रहा है। उन्होंने कहा कि देशवासियों के अडिग संकल्प से स्वच्छता कवरेज बढ़कर 95% को पार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद लाल-किले से पहली बार, आज़ाद हिन्द सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर तिरंगा फहराया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू आफ यूनिटी’ देश को मिली। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘चैम्पियंस आफ अर्थ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। सौर ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन में भारत के प्रयासों को विश्व में स्थान मिला।
मोदी ने कहा, ‘‘देश के आत्मरक्षा को नई मजबूती मिली है। इसी वर्ष हमारे देश ने सफलतापूर्वक परमाणु त्रिकोण को पूरा किया, यानी अब हम जल, थल और नभ-तीनों में परमाणु शक्ति संपन्न हो गए है।’’ प्रधानमंत्री ने कराटा चैम्पियन 12 साल की हनाया निसार, 16 साल की मुक्केबाजी चैम्पियन रजनी, साइकिल से दुनिया का चक्कर लगाने वाली 20 साल की वेदांगी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अगर संकल्प में सामर्थ्य है, हौसले बुलंद हैं तो रुकावटें खुद ही रुक जाती हैं। कठिनाइयाँ कभी रुकावट नहीं बन सकती हैं। अनेक ऐसे उदाहरण जब हम सुनते हैं तो हमें भी अपने जीवन में प्रतिपल एक नयी प्रेरणा मिलती है।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ नकारात्मकता फैलाना काफी आसान होता है, लेकिन, हमारे समाज में, हमारे आस-पास बहुत कुछ अच्छे काम हो रहे हैं और ये सब 130 करोड़ भारतवासियों के सामूहिक प्रयासों से हो रहा है।’’
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