प्राकृतिक आपदाएं पर लेख

आपदा को एक दुखद घटना, जैसे दुर्घटना, आग, आतंकवादी हमला या विस्फोट आदि जिनकी वजह से लोगों को भारी क्षति का सामना करना पड़ता है, के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। प्राकृतिक आपदा पृथ्वी की ऐसी प्राकृतिक क्रियाओं द्वारा उत्पन्न होती है जो मनुष्य के लिए आर्थिक रूप से बेहद नुकसानदायक होने के … Read more प्राकृतिक आपदाएं पर लेख

जिस तरह विलुप्त हो रही है गौरैया क्या उसी तरह गुम हो जाएगा डाकिया एक दिन चिट्ठियां

इन दिनों मेरे घर डाकिया नहीं आता जबकि पहले रोज आता था और लाता था खूब सारी चिट्ठियां जादुई झोले में भरकर मैं अब सोचना नहीं चाहता हूं कि आखिर उसका क्या हुआ होगा फिर भी याद आता है वह आंगन में रोज फुदकने वाली गौरैया की तरह जिस तरह विलुप्त हो रही है गौरैया क्या उसी … Read more जिस तरह विलुप्त हो रही है गौरैया क्या उसी तरह गुम हो जाएगा डाकिया एक दिन चिट्ठियां

क्यों रखते है शिखा (चोटी) ? क्या है इसकी वैज्ञानिकता ?

क्यों रखते है शिखा (चोटी) ? क्या है इसकी वैज्ञानिकता ? हमारे देश भारत में प्राचीन काल से ही लोग सिर पे शिखा रखते आ रहे है ख़ास कर ब्राह्मण और गुरुजन। सिर पर शिखा रखने की परंपरा को इतना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है कि , इस कार्य को आर्यों की पहचान तक माना … Read more क्यों रखते है शिखा (चोटी) ? क्या है इसकी वैज्ञानिकता ?

नव संवत्सर एक नये सफर की शुरूआत

  – डॉ नीलम महेंद्र – हमारी संस्कृति वर्षों पुरानी होने के बावजूद आज भी प्रासंगिक है और आधुनिक  विज्ञान से कहीं आगे है। जो खोज हमारे ॠषी मुनी हजारों साल पहले कर गए थे 21 वीं सदी के वैज्ञानिक उन पर अनुसंधान करके उनको सही पा रहे हैं। चाहे गणित के क्षेत्र में शून्य … Read more नव संवत्सर एक नये सफर की शुरूआत