हरियाणा सरकार ने बिजली की दरों में पहली बार 37 प्रैसे प्रति यूनिट की कमी करने का निर्णय लिया है

 

दहाड़ न्यूज़ चण्डीगढ़,हरियाणा सरकार ने प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए गत दिनों बिजली की दरों में पहली बार 37 प्रैसे प्रति यूनिट की कमी करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से  1150 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। वर्तमान प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को कम से कम दरों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास कर रही हैं।
यह जानकारी बिजली वितरण निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर ने आज दी। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को जुर्माना माफी का एक और अवसर दिया गया है। बकाया बिलों के उपभोक्ता 31 दिसंबर 2016 तक सरकार की ब्याज माफी योजना का फायदा उठाकर अपने बकाया बिलों को संशोधित करवाकर एक मुश्त या 6 किश्तों में जमा करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त छेड़छाड़ वाले मीटरों की स्वैच्छिक घोषणा के लिए भी उपभोक्ताओं को 31 दिसंबर 2016 तक घोषणा करके अपना पुराना मीटर बदलवाने का समय दिया गया है। ऐसे उपभोक्ताओं पर मीटर से छेड़छाड़ करने पर लगने वाला जुर्माना नही लगाया जाएगा तथा तीन दिन में नया मीटर बदल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री,मनोहर लाल द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के लिए दो नई योजनाएं शुरू की गई है। इन योजनाओं में पुराने बिजली बिल न भरने वाले डिफाल्टर उपभोक्ताओं के बिलों के ब्याज को माफ करने के लिए बिजली ब्याज माफी योजना तथा खराब हुए या खराब करवाए गए मीटरों को बदलवाने के लिए स्वैच्छिक योजना घोषणा शामिल हैं। इन योजनाओं का लाभ 31 दिसंबर 2016 तक उपभोक्ता उठा सकते हैं। इन योजनाओं के तहत बिजली बिल भरने के लिए 15 दिसंबर तक 500 रुपए के पुराने नोट भी निगम द्वारा स्वीकार किए जाएंगे।
 कपूर ने कहा कि पहली योजना बिजली ब्याज माफी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के 2 किलोवाट तक के ऐसे सभी घरेलू व व्यवसायिक उपभोक्ता जिनके पुराने बिल न भरने के कारण कनैक्शन कट चुके हैं अथवा अभी तक कनैक्शन नही कटे हैं, के बिलों पर 30 सितंबर 2016 तक लगाए गए ब्याज को पूरी तरह से माफ किया गया है। शहरी क्षेत्रों में दो किलोवॉट तक के ऐसे उपभोक्ताओं के पुराने बिलों पर 30 सितंबर तक के ब्याज को माफ किया गया है, जिनका बिजली कनैक्शन बिल न भरने के कारण काटा जा चुका है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को पुराने बकाया बिल के भुगतान के लिए दो विकल्प दिए जाएंगे। प्रथम विकल्प के अंतर्गत बकाया बिल का एक मुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ता को पांच प्रतिशत की तत्काल छुट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराने बकाया बिल की मूल राशि को अगले 6 बिलों में किश्तों के माध्यम से भी भरा जा सकता है। भविष्य में लगातार 3 साल तक बिल भरने वाले उपभोक्ताओं के ब्याज को पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा।
उन्होने कहा कि दूसरी स्वैच्छिक घोषणा योजना ऐसे उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है, जिनका बिजली बिल लोड 5 किलोवॉट तक है और जिनके मीटर खराब है या टैंपर्ड है। निगम द्वारा टैंपर्ड मीटरों को पकडऩे के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है तथा दोषी उपभोक्ताओं पर एक साल का दुगुणी दर का जुर्माना लगाया जाता है। स्वैच्छिक घोषणा योजना के तहत स्वैच्छा से घोषित करने वाले उपभोक्ताओं को सिंगल दर पर एक साल का चार्ज लेकर माफ कर दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना जुर्माना 10 दिन में जमा करवाना होगा और उसका मीटर भी निगम द्वारा 3 दिन में बदल दिया जाएगा। निगम द्वारा बिलों की अदायगी ऑनलाईन तथा कॉमन सर्विस सैंटरों के माध्यम से स्वीकार की जाती है। इसके लिए कैशलैस ट्रांजैक्शन के अन्य माध्यमों का भी प्रयोग किया जा सकता है।

 

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