देश की आन-बान-शान और पहचान है गीता: मंत्री कविता जैन

DPR_0525 (1)सोनीपत, इंडिया की दहाड़ ,  (  आदेश त्यागी  )   ____  श्रीमद्भागवत गीता देश की आन-बान-शान है जो हमारी पहचान बन गई है। यह कहना है शहरी स्थानीय निकाय, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन का। वे शनिवार की देर रात्रि डीएवीएम पब्लिक स्कूल में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के समापन समारोह में उपस्थित लोगों व विद्यार्थियों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।
मनोहारी सांस्कृतिक संध्या व पुरस्कार वितरण के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का समापन हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में योग दिवस के आयोजन का प्रस्ताव रखा तो उसे दुनिया के 144 देशों का समर्थन मिला। पूरी दुनिया ने योग को अपनाया अर्थात्  संस्कृति के बल पर भाजपा सरकार भारत को पुन: विश्वगुरू बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्वभर में सर्वोच्च है जो दुनिया का मार्गदर्शन कर सकती है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री जैन ने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है तो वे स्वयं अवतरित होते हैं। आज भी विश्व में महाभारत काल सरीखा माहौल है। ऐसे में गीता जयंती महोत्सव आशा की नई किरण बन कर आया है। श्रीकृष्ण का संदेश केवल अर्जुन नहीं अपितु समस्त मानवता के लिए था जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि युवा जिस ओर जा रहा है वह बहुत खतरनाक और पत्तनभरा है। ऐसे में जरूरी है कि बचपन को संस्कारित किया जाये। गीता के माध्यम से बच्चों को संस्कार देने होंगे। गीता युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करती है जो कर्मयोग व धर्मयोग का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि गीता सार से जीने की राह मिलती है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित गीता जयंती महोत्सव में शिरकत करने वाले एक मुस्लिम धर्मगुरु का कहना था कि यदि गीता की रचना उर्दू में हो तो हर मुस्लिम उसके संदेश को अपनायेगा।
सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग मंत्री कविता जैन ने कहा कि 5143वां गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसे इस बार हरियाणा की भाजपा सरकार ने खंड स्तर पर भी मनाया है। उन्होंने कहा कि गीता में कुल 700 श£ोक है जिनमें 574 श£ोक स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहे हैं। गीता का हर श्लोक जीवन को दिशा देता है। गीता हमें मद, मोह, लोभ, क्रोध, अहंकार, लालच, ईष्र्या आदि बुराइयों को त्यागने के लिए प्रोत्साहित करती है। गीता में निष्काम कर्म पर बल दिया गया है। जीवन में हर समस्या व संशय के समाधान के लिए गीता है जो मनुष्य को आत्मबल प्रदान करती है।
 इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा व नगराधीश सुरेंद्र दून सहित जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार, अरूण अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह, डीआईपीआरओ संजीव सैनी, एआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र दहिया, प्राचार्या डा. ज्योति जुनेजा, प्रिंसीपल वीके मित्तल, प्रिंसीपल संतोष खत्री, प्रिंसीपल संतोष राठी, प्राध्यापिका स्नेह, मुख्याध्यापक डा. अतर सिंह, सुभाष रंगा, असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष सिसोदिया, सतपाल अहलावत, दीपक कुमार आदि मौजूद थे

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