विशेष गृह जेल नहीं बल्कि सुधार का केंद्र : कविता जैन 

सोनीपत इंडिया की दहाड़ {  आदेश त्यागी }26 Snp-1  महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कहा है कि राज्य सरकार ने बच्चों का सर्वांगीण विकास करने के उद्देश्य से भीख मांगने वाले व गल्लियों में घुमने वाले बच्चों का डाटा बेस तैयार किया है। श्रीमती जैन आज विशेष गृह का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि डाटा बेस के आधार पर ही राज्य सरकार योजना तैयार करेगी और आवश्यकतानुसार उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराकर समाज की मुख्य धारा में ला सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार काम कर रही है। कविता जैन ने कहा कि विशेष गृह जेल नहीं है बल्कि यह बच्चों में सुधार लाने का एक केन्द्र है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष तक जो बच्चें जाने अनजाने में गलतियां कर देते हैं उन्हें अपराध कर श्रेणी में नहीं माना जाता बल्कि विशेष गृहों में रखकर प्रयास किया जाता है कि वे अपनी पिछली गलतियों को भूलकर समाज व देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। बच्चों को समाज का अभिन्न अंग बताते हुए श्रीमती जैन ने कहा कि शिक्षा व संस्कार न मिलने की वजह से बच्चे गलतियां कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बच्चों को सरंक्षण प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए प्रदेश में 77 बाल सरंक्षण संस्थान काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के कल्याण के लिए सरकार तो योजनाबद्ध तरीके से काम कर ही रही है लेकिन सामाजिक संस्थाओं को भी इसमें अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि विशेष गृहों में बच्चे की मानसिकता बदलने तथा उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण देने आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ताकि वे बाहर आकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें।

 कविता जैन ने कहा कि हरियाणा में भी इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे लावारिस स्थिति में मिलते है उन्हें बाल सरंक्षण संस्थान में रखा जाता है और पूरी कोशिश रहती है कि ऐसे बच्चों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को गोद देने के प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है ताकि अनाथ बच्चों को कोई न कोई घर मिल सके। इस संबंध में उन्होंने बाल ग्राम राई का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि अन्य सुविधाओं के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे के सिर पर छत भी हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के विरूद्ध अपराध को रोकने के लिए पोस्को एक्ट को भी कढाई से लागू किया जा रहा है। अम्बाला से सोनीपत के विशेष गृह में आए सभी 66 बच्चों का कैबिनेट मंत्री ने आह्वान किया कि उन सबको एक नए जीवन में प्रवेश करना है और जो बच्चा जीवन में आगे बढना चाहता है उसे उसकी आवश्यकतानुसार सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने विशेष गृह के लिए प्रेरक पुस्तकें खरीदने के लिए 50 हजार रूपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके महापात्रा ने कहा कि विशेष गृह का मूल उद्देश्य यही है कि गलती करने वाले बच्चों को एक अवसर और उपलब्ध करवाया जाए। ताकि वे समाज की मुख्य धारा में आ सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बच्चों की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य की प्राप्ति तभी हो पाएगी जब कोई भी बच्चा मजदूरी अथवा ढाबे आदि में काम करता न मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है हर बच्चे को उसका अधिकार मिले और इस कार्य में समाज के हर वर्ग के लोगों को अपना सहयोग देना होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रेनु फुलिया ने कहा कि अम्बाला से बच्चों को सोनीपत के विशेष गृह में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी विशेष गृह सोनीपत में था लेकिन ईमारत के जर्जर अवस्था में होने की वजह से बच्चों को अम्बाला शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि अम्बाला, हिसार व फरीदाबाद में भी इस तरह के विशेष गृह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विशेष गृहों का उद्देश्य यही है कि बच्चे अगर गलतियां कर देते है तो उन्हें अपनी गलतियों का अहसास हो और भविष्य में गलतियों की पुर्नावृत्ति न हो सके।

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