किसानों ने तीनों अध्यादेशों के खिलाफ मोर्चा खोल,लगाएं सरकार विरोधी नारे

पानीपत। केंद्र सरकार की ओर से जारी किए तीनों अध्यादेशों के खिलाफ अगस्त माह में संसद व विधान सभा के सत्र शुरू होंने पूर्व प्रदेश के सभी लोकसभा व राज्यसभा के सांसदो तथा विपक्षी पार्टियों के नेताओं के घरों के आगे किसान पंचायत बिठाने के साथ साथ विरोध प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई। पानीपत स्थित किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान पंचायत में प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने अध्यक्षता करते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के तीनों अध्यादेश कोरोना महामारी से भी खतरनाक है।
कोरोना से जैसे तैसे उबर जाएगें। लेकिन इन अध्यादेशों से तो किसान खत्म हो जाएगें। यह तीनों अध्यादेश किसानों को पूर्णरूप से बर्बाद करने वाले है। इससे किसान समुदाय खत्म हो जाएगा। सरकार के ऐसे किसान विरोधी मनसूबों को सफल नही होंने दिया जाएगा। किसान पंचायत में भाजपा सरकार विरोधी नारेबाजी भी की गई। रतनमान ने कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए समर्थन मूल्य पर खरीद गारंटी कानून बनाए  ओर फसल भूगतान की गारंटी भी सुनिश्चित करे। मान ने अगस्त किसान क्रांती के आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 2 अगस्त को कुरूक्षेत्र के सांसद नायब सेनी तथा हिसार के सांसद बिजेंद्र सिंह, 9 अगस्त को करनाल के सांसद संजय भाटिया के पानीपत आवास पर, 16 अगस्त को अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया व सिरसा की सांसद सुनिता दुग्गल, 23 अगस्त को सोनीपत के सांसद रमेश कोशिक व भिवानी के सांसद धर्मबीर सिंह, 30 अगस्त को गुडगांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह तथा फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुज्जर के आवास पर किसान पंचायत को आयोजन करके करके ज्ञापन सौंपे जाएगें। इसी दौरान राज्यसभा के सांसदों तथा विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुडडा को भी ज्ञापन सौपा जाएगा। इन प्रदर्शनों की अगुवाई राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला व प्रदेशाध्यक्ष रतनमान करेगें।
 अगर अध्यादेश किसान हितैषी है तो मुख्यमंत्री बुलाए सर्वदलीय किसान पंचायत प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तीनों अध्यादेशों की हिमायत कर रहे है, तो 15 अगस्त से पूर्व प्रदेश की सभी विपक्षी दलों के नेताओं व कृषि विषशेज्ञों ओर प्रदेश सभी किसान संगठनों की सांझी किसान पंचायत बुला कर विशेष चर्चा करवाएं। चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही किसानों का भ्रम भी दूर हो जाएगा।
 2 को रोहतक में होगी प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत अगर सरकार ने इन तीनों अध्यादेशों के बारे में प्रदर्शन करने के उपरांत रद्द नही किया गया तो इसके विरोध आगामी 4 सितम्बर को रोहतक की नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुडडा, राज्यसभा सांसद दिपेंद्र सिंह हुडडा व रोहतक के सांसद डा. अरविंद शर्मा को पंचायत के बीच ज्ञापन सौंप कर अध्यादेशों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा। पंचायत में प्रदेश के कृषि मंत्री जे.पी.दलाल की ओर से किसान यूनियन के नेताओं पर की गई टिप्पणी के बारे भी निर्णय लिया जाएगा। नही तो जे.पी.दलाल अपनी स्थिति को स्प्ष्ट करे।
 ये रहे मौजूद
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला, प्रदेश उपाध्यक्ष स. सुरेंद्र सिंह घुम्मन, प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान, प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा, कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रहम सिंह दहिया, पानीपत के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष कुलदीप सिंह बलाना, पूर्व अध्यक्ष जयकरण कादियान, युवा प्रदेश अध्यक्ष रवी आजाद, अंबाला मंडल अध्यक्ष नरपत राणा, भिवानी मंडलाध्यक्ष स्वामी सदानंद सरस्वती, भिवानी जिलाध्यक्ष जयभगवान, किसान नेता छज्जू राम कंडेला, यशपाल राणा, बलजीत सिंह जेनपुर, जसबीर जेनपुर, अजीत सिंह भूतमाजरा, रामराज जी सहित काफी संख्या में किसान माँजूद थे।

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