भूपेंद्र हुड्डा बोले, किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस ले सरकार, नहीं तो करेंगे आंदोलन

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Hooda) ने पिपली में किसानोंं पर लाठीचार्ज व उन पर मुकदमा दर्ज करने की निंदा करते हुए कहा कि यदि दस दिन के अंदर किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को पिपली पैराकीट में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले भूपेंद्र हुड्डा ने पिपली अनाज मंंडी जाकर किसानों व आढ़तियों से बातचीत भी की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कोरोना काल में किसान विरोधी 3 अध्यादेश लाकर सरकार ने खुद किसान को सड़क पर आने के लिए मजबूर किया है। बिना सदन में चर्चा और एमएसपी की गारंटी के कोई भी अध्यादेश किसान हित में नहीं हो सकता। अगर सरकार व्यवस्था में कोई परिवर्तन करना चाहती है तो उसे मंडी और एमएसपी व्यवस्था के संरक्षण की गारंटी देनी होगी। बीजेपी को अपने वादे के मुताबिक लागत और स्वामीनाथन के सी2 फार्मूले पर एमएसपी देनी होगी।

हुड्डा ने कहा कि किसान विरोधी 3 अध्यादेशों को तब तक लागू नहीं होने दिया जाएगा, जब तक इसमें एमएसपी की गारंटी शामिल ना हो। इसके लिए बेशक सरकार को चौथा अध्यादेश लाना पड़े, जिसमें प्रावधान हो कि एमएसपी से कम रेट पर खरीदने वाली एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक इन अध्यादेशों का विरोध जारी रहेगा। इस अवसर पर पूर्व विस स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश, पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा व लाडवा के विधायक मेवा सिंह, जलेश शर्मा, पूर्व मंडी प्रधान राजीव गोयल, सुभाष पाली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार की लाठियों से नहीं डरती। इस पार्टी ने अंग्रेजों की गोलियां भी खाई हैं, जरूरत पड़ी तो इस सरकार की लाठी आप भी खाएंगे। सरकार किसानों के संघर्ष को सिर्फ कांग्रेस का आंदोलन बताकर अपने अपराध से बच नहीं सकती। आंदोलन कांग्रेस द्वारा प्रायोजित नहीं बल्कि किसानों द्वारा आयोजित है। हुड्डा ने कहा कि हम कानून को मानने वाले लोग हैं और महामारी के चलते बड़ा आंदोलन करने से परहेज कर रहे हैं लेकिन जैसे ही महामारी का संकट हटेगा तो हम इस सरकार को बताएंगे कि आंदोलन क्या होता है। हम कुरुक्षेत्र की इसी पीपली अनाज मंडी में 10 लाख लोगों को एकत्र करने और इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा। हुड्डा ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर इन तीनों बिलों को पूरी तरह खारिज किया जाए।

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